साहिबगंज में पूरे अकीदत के साथ रखा गया रमज़ान का दूसरा रोज़ा
खजूर और सेवइयों की खरीदारी में दिखी बढ़ोतरी
साहिबगंज जिले में रमज़ान-उल-मुबारक के दूसरे रोज़े पर मस्जिदों में रोजेदारों की भारी भीड़ उमड़ी। नमाज़ और तरावीह के साथ पूरे अकीदत के साथ इबादत की गई। बाजारों में खजूर, सेवइयां और फलों की खरीदारी बढ़ गई है।
साहिबगंज : प्रखंड मुख्यालय समेत पूरे जिले भर में सेहरी व इफ्तार के साथ शुक्रवार को रमज़ान-उल-मुबारक का दूसरा रोज़ा पूरे अकिकत के साथ रखा गया। दूसरे रोजे को नमाज अदा करने के लिए विभिन्न मस्ज़िदों में रोजेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। पवित्रता का मुकद्दस महीना रमज़ान की शुरुआत होते ही मुस्लिम समुदाय के लोग इबादत में मशगूल हो गए हैं। बताया जाता है कि रमजान के पूरे एक महीना तक रोज़ा रखना शबाब का काम माना जाता है, जिसके बहुत सारे शबाब हैं।

इफ्तार के समय खजूर खाने की अहमियत अलग है। मान्यता है कि मोहम्मद सहल्लाहू अलेही वसल्लम खजूर से ही रोजा खोला करते थे। इसीलिए रोजेदार इफ्तार के समय खजूर खाना मुनासिब समझते हैं। रमजान को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई है। बाजारों में सेवई, खजूर आदि की दुकानें सजने लगी हैं। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रमज़ान के मौके पर शुक्रवार को भी जमकर खरीदारी किया। विभिन्न बाजारों में खरीदारी करने आए लोगों का तांता लगा रहा। लोगों का कहना था कि माहे रमज़ान में खजूर, सेवइयां और फल के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है।
बताया जाता है कि रमज़ान को तीन आशरे में बांटा गया है। प्रत्येक अशरा 10-10 दिनों का होता है, जिसमें पहला अशरा रहमत, दूसरा अशरा बरकत और तीसरा अशरा जहन्नुम से मगफ़िरत का है। आखिरी आशरे में रोजेदार 10 दिनों तक मस्जिद में रहकर इतिकाफ में बैठकर अल्लाह की इबादत करते हैं। आखिरी आशरे का रमजान-उल-मुबारक में बहुत बड़ा मरतबा है। इसी आशरे मे शब-ए-कदर की रात भी होता है जो 11 महीने में सभी रातों से अफजल माना जाता है। कहा जाता है कि शबे कदर की रात जो मुसलमान जगकर अल्लाह की इबादत करता है। उसपर जहन्नुम की आग हराम हो जाती है।
आखिरी आशरे में ही कुरान नाजिल हुआ था। रमज़ान उल मुबारक के 21वें रोजे को हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलेही वसल्लम पर कुरान नाजिल की गई थी। इसीलिए इस माह पूरे कुरान को पढ़ना या सुनना सुन्नत माना गया है। इस माह में नमाज के साथ-साथ कुरान की तिलावत भी की जाती है। कुरान की तिलावत करना रमजान उल मुबारक के महीने में अहम माना गया है। इस पवित्र माह पर राजमहल प्रखंड के कांग्रेस उपाध्यक्ष मोहम्मद सिफ़रान अख़्तर ने जिलेवासियों को मुबारकबाद दी है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
