Palamu News: हुसैनाबाद में युवा कवि विनोद सागर की नौवीं पुस्तक 'उड़ान' का भव्य लोकार्पण
साहित्य समाज को दिशा देने के साथ नई चेतना का करता है संचार: जीतेंद्र प्रसाद
पलामू के हुसैनाबाद में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और वात्सल्य किड्स प्री स्कूल की पहली वर्षगांठ के अवसर पर युवा कवि विनोद सागर की नौवीं पुस्तक 'उड़ान' (लघुकथा-संग्रह) का लोकार्पण किया गया। शहीद भगत सिंह कॉलेज के पूर्व सचिव अशोक प्रसाद कश्यप और शिक्षाविद जीतेंद्र प्रसाद सहित कई गणमान्य लोगों ने इस कृति को समाज की संवेदनाओं को जगाने वाला बताया। वक्ताओं ने जोर दिया कि विनोद सागर की यह पुस्तक पाठकों को सकारात्मक परिवर्तन और चिंतन के लिए प्रेरित करेगी।
हुसैनाबाद: जपला मुख्य बाज़ार स्थित एसबीआई बैंक के सामने वाली गली में अवस्थित वात्सल्य किड्स प्री स्कूल परिसर में विद्यालय की प्रथम वर्षगाँठ और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मासिक पत्रिका 'अरण्य वाणी' और दैनिक अख़बार 'बदलता झारखंड' के संपादक, साहित्यिक संस्था मौसम के अध्यक्ष सह युवा कवि विनोद सागर की नौवीं पुस्तक 'उड़ान' (लघुकथा-संग्रह) का विधिवत लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य और समाज से जुड़े कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति से माहौल अत्यंत प्रेरणादायी रहा।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अशोक प्रसाद कश्यप ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि साहित्य किसी भी समाज की आत्मा होता है। यह केवल शब्दों का विन्यास नहीं, बल्कि समाज के अनुभवों, संघर्षों और मूल्यों का जीवंत दस्तावेज़ होता है। उन्होंने कहा कि युवा कवि विनोद सागर की पुस्तक 'उड़ान' समाज की संवेदनाओं को अभिव्यक्ति देने वाली कृति है, जो पाठकों को चिंतन और सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने ऐसे साहित्यिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में साहित्यिक वातावरण और अधिक सशक्त होगा।
मुख्य अतिथि जीतेंद्र प्रसाद ने कहा कि साहित्य समाज के बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि जब कोई लेखक समाज की पीड़ा, संघर्ष और आशाओं को शब्द देता है, तब वह केवल पुस्तक नहीं लिखता, बल्कि समाज को सोचने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से अधिक-से-अधिक साहित्य पढ़ने और लेखन की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।
इस अवसर पर दिलीप सिंह ने कहा कि ऐसी साहित्यिक कृतियाँ समाज में जागरूकता और विचारशीलता को बढ़ावा देती हैं, वहीं आलोक कुमार ने कहा कि साहित्य व्यक्ति को जीवन और समाज को गहराई से समझने की दृष्टि प्रदान करता है। नितिन पांडेय ने कहा कि शिक्षा और साहित्य मिलकर समाज के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखते हैं, वहीं विनोद सागर ने कहा कि 'उड़ान' (लघुकथा-संग्रह) समाज के यथार्थ, मानवीय संवेदनाओं और जीवन के विविध अनुभवों को अभिव्यक्त करने का विनम्र प्रयास है।
अंकित कश्यप ने कहा कि ऐसे साहित्यिक आयोजन समाज में सकारात्मक और बौद्धिक वातावरण का निर्माण करते हैं, वहीं राकेश कुमार तिवारी ने कहा कि साहित्य हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी को संस्कार प्रदान करता है। अविनाश कुमार कश्यप 'बिट्टू' ने कहा कि साहित्यिक कार्यक्रम युवाओं को रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करते हैं, वहीं अनिमेष अग्रवाल 'छोटू' ने कहा कि साहित्य समाज में सकारात्मक सोच और नई ऊर्जा का संचार करता है।
सतीश कुमार शर्मा ने कहा कि साहित्य समाज की समस्याओं और वास्तविकताओं को उजागर करने का सशक्त माध्यम है, वहीं मनोज कुमार प्रजापति ने कहा कि शिक्षा और साहित्य मिलकर नई पीढ़ी को सही मार्ग दिखाते हैं। करिश्मा काँस्यकार ने कहा कि साहित्य सृजन मनुष्य के भीतर संवेदनशीलता और रचनात्मकता की उड़ान भरता है, वहीं विनय कुमार सिंह ने कहा कि ऐसी प्रेरणादायी पुस्तकें युवाओं को पढ़ने और लिखने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने युवा कवि विनोद सागर को उनकी नौवीं पुस्तक के प्रकाशन पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का धन्यवाद-ज्ञापन अंकित कश्यप ने किया। समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, अभिभावक तथा साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
