Palamu News: जमीन पर सूखे नल: लोकसभा में सांसद ने उजागर की जल जीवन मिशन की विसंगतियां
दोषी अधिकारियों और एजेंसियों पर कार्रवाई की अपील
पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने लोकसभा में नियम 377 के तहत पलामू और गढ़वा जिलों में केंद्र सरकार की 'हर घर जल योजना' में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। सांसद ने आरोप लगाया कि कागजों पर 75-80% कवरेज दिखाने के बावजूद जमीनी हकीकत इसके उलट है; कई गांवों में नल सूखे हैं और पाइपलाइनें बिना जलस्रोत के बिछाई गई हैं। उन्होंने अधूरी टंकियों के लिए 'कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र' जारी किए जाने को भ्रष्टाचार का संकेत बताया और जल शक्ति मंत्रालय से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच तथा दोषी अधिकारियों व एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मेदिनीनगर: सांसद विष्णु दयाल राम ने बुधवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत पलामू और गढ़वा जिलों में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर जल योजना' के क्रियान्वयन में हो रही गंभीर अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। सांसद ने सदन को अवगत कराया कि कागजों पर योजना की प्रगति और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है।
कागजों में आपूर्ति, जमीन पर सूखे नल

भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप
सदन में अपनी बात रखते हुए सांसद ने योजना में संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर बिना स्थायी जलस्रोत सुनिश्चित किए ही पाइपलाइन बिछा दी गई है। अधूरी और अनुपयोगी ओवरहेड टंकियों के बावजूद कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र (Completion Certificate) जारी कर दिए गए हैं। ग्रामीण आज भी पीने के पानी के लिए पुराने हैंडपंपों, कुओं और तालाबों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
विष्णु दयाल राम ने जल शक्ति मंत्रालय से मांग की है कि इन दोनों आकांक्षी जिलों में योजना की भौतिक स्थिति का सत्यापन कराया जाए। उन्होंने दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने और प्रभावित गांवों में नियमित जलापूर्ति बहाल करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस विफलता का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
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