Palamu News: सामाजिक सुरक्षा एवं श्रमिक कल्याण योजनाओं की प्रगति पर उपायुक्त ने की व्यापक समीक्षा
नियुक्ति प्रक्रिया, एक सप्ताह का समय, और डीसीपीयू कर्मचारियों की भर्ती पर जोर
पलामू उपायुक्त ने मेदिनीनगर में सामाजिक सुरक्षा और श्रम विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक कर जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति जांची। उन्होंने वात्सल्य धाम में रह रहे बच्चों के संरक्षण और डीसीपीयू कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया को एक सप्ताह में पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया। बैठक में फोस्टर केयर और स्पॉन्सरशिप योजना के साथ बाल विवाह रोकथाम हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन की सक्रियता पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा उपायुक्त ने श्रमिकों के लिए संचालित छात्रवृत्ति और औजार सहायता जैसी योजनाओं की समीक्षा की और सभी कामगारों से अपना BOCW कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने की अपील की।
मेदिनीनगर: उपायुक्त ने सामाजिक सुरक्षा विभाग तथा श्रम, नियोजन, कौशल प्रशिक्षण विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का विस्तृत आकलन किया। बैठक में बच्चों के संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा तथा श्रमिकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। सामाजिक सुरक्षा के तहत उपायुक्त ने बाल सुधार गृह एवं वात्सल्य धाम में रह रहे बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों को नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा उनकी देखभाल में किसी प्रकार की कमी न रहे।

बैठक में सहायक निदेशक ,सामाजिक सुरक्षा , पलामू, द्वारा बताया गया कि स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत सभी लाभान्वित बच्चों को समय पर राशि का भुगतान कर दिया गया है तथा उनके परिवारों को विभिन्न आजीविका (लाइवलीहुड) कार्यक्रमों से भी जोड़ा गया है। उपायुक्त ने कहा कि फोस्टर केयर के माध्यम से बच्चे और उन्हें अपनाने के इच्छुक परिवार एक-दूसरे के सहायक बन सकते हैं। उन्होंने खोए हुए बच्चों, बाल विवाह से प्रभावित बच्चों तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के मामलों में चाइल्ड हेल्पलाइन(1098) से संपर्क करने की अपील की।
इसके पश्चात उपायुक्त ने श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में लाभान्वित निबंधित श्रमिकों की संख्या की जानकारी प्राप्त की। समीक्षा के दौरान मेधावी पुत्र-पुत्री छात्रवृत्ति योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, निर्माण श्रमिक सेफ्टी किट योजना, मातृत्व सुविधा योजना, झारखंड निर्माण कर्मकार मृत्यु एवं दुर्घटना सहायता योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना, विवाह सहायता योजना तथा चिकित्सा सहायता योजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
वहीं, असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में लाभान्वित श्रमिकों से संबंधित प्रतिवेदन की भी समीक्षा की गई। इस दौरान औजार सहायता योजना, साइकिल सहायता योजना, चिकित्सा सहायता योजना, मृत्यु एवं दुर्घटना सहायता योजना तथा अंत्येष्टि सहायता योजना की प्रगति का आकलन किया गया।
उपायुक्त ने श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक कर्मकारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु जिला जनसंपर्क कार्यालय के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा निबंधित श्रमिकों को प्रतिवर्ष (BOCW) कार्ड नवीनीकरण (रिन्यूअल) कराने हेतु प्रेरित किया जाए।
अंत में उपायुक्त ने सभी श्रमिकों से अपील की कि वे अपना BOCW कार्ड एवं श्रम कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाएं। उन्होंने कहा कि कई बार इन कार्डों के अभाव में श्रमिक विभागीय योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।
