मिडिल ईस्ट संकट का असर: प्रीमियम पेट्रोल 2.35 रुपये तक महंगा
रेगुलर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारत के फ्यूल मार्केट पर दिखने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने प्रीमियम-ग्रेड पेट्रोल की कीमतों में 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है, जबकि आम पेट्रोल और डीज़ल के दाम स्थिर रखे गए हैं।
नई दिल्ली : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के फ्यूल मार्केट पर साफ दिखने लगा है। सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों ने शुक्रवार को प्रीमियम-ग्रेड पावर पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी कर दी, जबकि आम पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

आम पेट्रोल-डीजल में राहत
ANI के अनुसार, रेगुलर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। खासकर ईरान में चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ती रुकावटों ने तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है। यह जलडमरूमध्य दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा सप्लाई का अहम मार्ग है।
मिडिल ईस्ट संकट और भारत पर असर
ईरान और इज़राइल-अमेरिका के बीच बढ़ते हमलों और शिपिंग को मिल रही धमकियों के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं और कुछ समय के लिए 120 डॉलर के करीब भी पहुंचीं। इससे वैश्विक बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।
भारत पर इसका प्रभाव इसलिए अधिक है क्योंकि देश अपनी लगभग 85-90% कच्चे तेल की जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है। इसमें से करीब 40-50% सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आती है।
इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा शिपिंग लागत, बीमा प्रीमियम और कुल आयात बिल को बढ़ा देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, क्रूड ऑयल की कीमतों में 10 डॉलर की बढ़ोतरी भी भारत के लिए महंगी साबित हो सकती है और महंगाई पर दबाव बढ़ा सकती है।
इसका असर अब दिखने लगा है। रुपये पर दबाव, विदेशी निवेशकों की निकासी और फ्यूल व एलपीजी की कीमतों को लेकर बढ़ती चिंता सामने आ रही है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
