Pakur News: खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में अहम पहल
आपूर्ति विभाग की उच्चस्तरीय बैठक: राशन वितरण प्रणाली की समीक्षा
पाकुड़ जिला प्रशासन ने आपूर्ति विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की देरी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी इसके साथ ही ई पॉस मशीन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण और लाभुक सूची के नियमित सत्यापन पर जोर दिया गया है ताकि पात्र परिवारों को समय पर राशन मिल सके और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत कर डीलरों की मनमानी पर लगाम लगाई जा सके।
पाकुड़: जिले में आम नागरिकों, विशेषकर जरूरतमंद और लाभुक परिवारों तक समय पर एवं सुचारू रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आपूर्ति विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, देरी या लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में शिकायत निवारण तंत्र को भी मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि यदि किसी लाभुक को राशन प्राप्त करने में कोई समस्या होती है, तो उसकी शिकायत का त्वरित और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए हेल्पलाइन, शिकायत रजिस्टर और फील्ड विजिट को सक्रिय रखने की बात कही गई। इसके अलावा, सभी संबंधित पदाधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने, गोदामों और दुकानों की जांच करने तथा वितरण प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश दिए गए। यह भी कहा गया कि सभी विभागीय कर्मी आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
बैठक में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि किसी भी स्थिति में पात्र लाभुक खाद्यान्न से वंचित न रहें। इसके लिए समय-समय पर लाभुक सूची का सत्यापन, नए पात्र परिवारों का नाम जोड़ने तथा अपात्र लोगों को सूची से हटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस सख्त और संवेदनशील पहल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था और अधिक मजबूत, पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर उनका हक मिल सकेगा और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा।
