13 साल कोमा में रहे हरीश राणा का निधन, पैसिव यूथेनेशिया केस बना ऐतिहासिक
सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को दी थी ऐतिहासिक अनुमति
भारत में पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा का AIIMS दिल्ली में निधन हो गया। वे 2013 से कोमा में थे और सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च 2026 को उन्हें लाइफ सपोर्ट हटाने की अनुमति दी थी।
नई दिल्ली: हरीश राणा, भारत के पहले व्यक्ति जिन्हें पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति मिली थी, का मंगलवार को AIIMS-दिल्ली में निधन हो गया। वे 13 साल से अधिक समय तक कोमा में रहे थे।
2013 हादसे के बाद से कोमा में थे

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में हरीश राणा को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी थी। यह भारत में पहली बार था जब किसी व्यक्ति को इस तरह की इजाज़त मिली। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह फैसला ‘सम्मान के साथ मृत्यु’ के अधिकार के तहत लिया गया है।
मेडिकल टीम की निगरानी में हटाया गया लाइफ सपोर्ट
AIIMS में डॉक्टरों की विशेष टीम की देखरेख में तय प्रोटोकॉल के अनुसार धीरे-धीरे उनका न्यूट्रिशनल और लाइफ सपोर्ट हटाया गया। इस पूरी प्रक्रिया को सम्मानजनक तरीके से अंजाम दिया गया।
परिवार ने बताया सार्वजनिक हित का फैसला
राणा के परिवार ने कहा था कि यह निर्णय व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित में लिया गया है, ताकि ऐसे मामलों में भविष्य में अन्य लोगों को मार्गदर्शन मिल सके।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
