चाईबासा: एसीबी ने नोवामुंडी सीओ मनोज कुमार को किया गिरफ्तार, 8 घंटे तक चली छापेमारी
तीन सीलबंद लिफाफे के साथ सीओ को लेकर गई जमशेदपुर
सीओ के आवास से संदेह के तौर पर मिले कुछ आवश्यक कागजातों को तीन सीलबंद लिफाफे में भरकर एसीबी अपने साथ ले गई है। इसके अलावा कुछ मोबाइल को भी एसीबी ने जब्त किया।
चाईबासा: जिले के नोवामुंडी अंचलाधिकारी मनोज कुमार के कार्यालय और आवास में बुधवार को आठ घंटे तक चली एसीबी की छापेमारी के बाद एसीबी ने सीओ मनोज कुमार को उनके टोप कैंप स्थित अस्थायी आवास से रात 12:35 बजे हिरासत में लेकर अपने साथ में जमशेदपुर ले गई है। उनके आवास से संदेह के तौर पर मिले कुछ आवश्यक कागजातों को तीन सीलबंद लिफाफे में भरकर एसीबी अपने साथ ले गई है। इसके अलावा कुछ मोबाइल को भी एसीबी ने जब्त किया। सीओ को हिरासत में लेने के दौरान अंचल नाजिर गनेश चन्द्र लागुरी को गवाह के तौर पर हस्ताक्षर कराया गया।
एसीबी टीम में एक महिला अधिकारी समेत करीब 42 लोग शामिल थे और सुबह सात बजे से छापेमारी शुरू की थी जो 3:30 बजे तक चली थी। छापेमारी के दौरान एसीबी के कार्यालय में उपलब्ध कंप्यूटर को खोलकर देखा गया। कंप्यूटर में मिले डाटा को पेन ड्राइव में लेकर निकल गये। मालूम हो कि मनोज कुमार रांची में पदस्थापित रहने के दौरान बड़गाई अंचल कार्यालय में लंबे समय तक बतौर अंचलाधिकारी कार्यरत थे। आशंका है कि उनके कार्यकाल के दौरान जमीन से जुड़े बड़े घोटाले को लेकर यह कार्रवाई की गई।
एसीबी की टीम ने सबसे पहले सीओ मनोज कुमार के ड्राईवर अजय रवि राम को उनके घर से बुलाया। उससे मोबाइल जब्त करने के बाद अंचल नाजिर गणेश चन्द्र लागुरी के आवास पर जाकर उन्हें अंचल कार्यालय बुलाया गया। कार्यालय में अंचल उपनिरीक्षक लखिन्द्र कुम्हार, अंचल नाजिर गनेश चन्द्र लागुरी, लिपिक राकेश साहू, राजस्व उपनिरीक्षक बिनय सामड, लिपिक नारा सिंह बोदरा को अंचल कार्यालय बुलाकर उनसे संबंधित कागजातों को मांग कर बारीकी से जांच की। अंचलकर्मियों के पास मिले कागजातों में किसी तरह से कोई गड़बड़ी नहीं मिली।