Renewable Energy
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Read More... कोडरमा के लक्ष्मीपुर गांव में गोबर गैस से जल रहे चूल्हे, महिलाओं ने बदली गांव की तस्वीर
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By Kumar Ramesham
कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड स्थित लक्ष्मीपुर गांव में गोवर्धन योजना के तहत स्थापित बायोगैस प्लांट ग्रामीण आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन रहा है। गांव के 32 घरों में पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाई जा रही है, जिससे महिलाएं बिना लकड़ी और कोयले के खाना पका रही हैं। Giridih News: "जलवायु अखड़ा 2026" संपन्न, हरित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण पर मंथन
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By Anjali Sinha
गिरिडीह के न्यू बरगंडा स्थित अभिव्यक्ति फाउंडेशन में सारथी – झारखंड जस्ट ट्रांजिशन नेटवर्क के प्रथम स्थापना दिवस पर “जलवायु अखड़ा 2026” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, किसानों और महिलाओं ने एकजुट होकर जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण और टिकाऊ खेती पर गंभीर संवाद किया। Opinion: वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के दौर में, भारत क्यों बना हुआ है मजबूत?
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By Mohit Sinha
दुनिया इस समय युद्ध, ऊर्जा संकट, महंगाई और व्यापारिक अस्थिरता जैसे गंभीर आर्थिक संकटों से जूझ रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल और गैस की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि संकट लंबा चला तो वैश्विक विकास दर प्रभावित हो सकती है। सुधरती दिशा, धीमी रफ्तार: नई रिपोर्ट में दिखा जलवायु कार्रवाई का बदलता चेहरा
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By Samridh Media Desk
UNFCCC की 2025 रिपोर्ट दिखाती है कि दुनिया का उत्सर्जन अब घटने लगा है। दिशा सही है, लेकिन रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है — भारत ने जलवायु कार्रवाई को विकास से जोड़कर नई मिसाल पेश की है। पहली बार, दुनिया का उत्सर्जन वक्र नीचे झुकना शुरू हुआ है — यानी ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन अब बढ़ नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे घटने लगा है। climate कहानी : अब भी बचाया जा सकता है 1.5°c का लक्ष्य, नई रिपोर्ट ने दिखाई उम्मीद की राह
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By Samridh Media Desk
क्लाइमेट एनालिटिक्स की नई रिपोर्ट “Rescuing 1.5°C” ने उम्मीद जताई है कि दुनिया अब भी वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5°C के भीतर सीमित कर सकती है, यदि तुरंत निर्णायक कदम उठाए जाएँ। रिपोर्ट के अनुसार, 2045 तक CO₂ उत्सर्जन को नेट-ज़ीरो पर लाना और 2050 तक दो-तिहाई ऊर्जा मांग को बिजली से पूरा करना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी भी हालात पलटने की संभावना है, बशर्ते वैश्विक स्तर पर त्वरित कार्रवाई हो। Climate कहानी: एनर्जी सेक्टर में उगा रिन्यूबल का सूरज, भारत बना बदलाव की रफ्तार
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By Mohit Sinha
2025 की पहली छमाही में सौर और पवन ऊर्जा ने वैश्विक बिजली मांग की पूरी वृद्धि पूरी की, कोयला और गैस उत्पादन घटा और उत्सर्जन में कमी आई। भारत ने अक्षय ऊर्जा में तेज़ वृद्धि के साथ 3.6% उत्सर्जन कमी दर्ज की। सौर और पवन अब वैश्विक ऊर्जा प्रणाली की मुख्य धुरी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री से विश्व बैंक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात, राज्य के विकास मॉडल की सराहना
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By Sujit Sinha
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन में विश्व बैंक के कंट्री निदेशक ऑगस्टे तानो कौमे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. बैठक में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना सहित राज्य के ग्रामीण विकास, ऊर्जा, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों पर चर्चा हुई. Good News: झारखंड में बागवानी से 400 परिवारों की आजीविका को मिला नया आयाम
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By Sujit Sinha
फल और सब्जियों की कटाई के बाद उन्हें सही ढंग से संभालने के लिए किसानों को कोल्ड स्टोरेज और संग्रहण इकाइयों की सुविधा दी गई है. खेती से जुड़े उत्पाद सीधे स्थानीय बाजारों में बेचे जाते हैं Climate कहानी: कोयला हुआ पुराना, अब रिन्यूएबल ही सस्ता
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By Climate कहानी
IRENA (इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी) की ताज़ा रिपोर्ट यही कहती है. 2024 में दुनिया भर में जितनी भी नई बिजली परियोजनाएं शुरू हुईं, उनमें से 91% रिन्यूएबल एनर्जी की थीं—और ये सब कोयला और गैस से सस्ती साबित हुईं. 2024 का केंद्रीय बजट : ऊर्जा और पर्यावरण पर ध्यान
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By Rahul Singh
क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए मजबूत प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024-25 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया। कुल बजटीय आवंटन ₹48.21 लाख करोड़ रुपये के... प्रगति मैदान में लोगों ने ज्रेडा के स्टॉल की ली जानकारी
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By Samridh Jharkhand
नयी दिल्ली : अक्षय ऊर्जा भविष्य में ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना जा रहा है। अक्षय ऊर्जा पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल और सुगम होता है। झारखण्ड प्रदेश में सरकार द्वारा इस स्रोत को बढ़ावा देने के लिए झारखण्ड... साल 2030 तक सड़कों पर 10 गुना इलैक्ट्रिक कारें आउटलुक : वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक 2023
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By Samridh Jharkhand
ऊर्जा जगत में साल 2030 तक बहुत कुछ बदलने वाला है। और यह बदलाव होगा मौजूदा नीतियों के चलते। वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक की ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो आने वाले कुछ सालों में सड़कों पर लगभग 10 गुना अधिक,... 