Biodiversity
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Read More... राजमहल-गंगा की भू-विरासत पर ऐतिहासिक पहल, ‘जियो-राजमहल’ परियोजना को मिली मंजूरी
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By Anshika Ambasta
राजमहल पहाड़ियों और गंगा नदी प्रणाली की समृद्ध भू-विरासत के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए झारखंड सरकार ने ‘जियो-राजमहल’ बहुविषयक शोध परियोजना को मंजूरी दी है। 36 महीने की इस परियोजना में राजमहल पहाड़ियों, गंगा पारिस्थितिकी, जीवाश्म संपदा, जैव विविधता और पुरातात्विक विरासत का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण किया जाएगा। Jharkhand News: 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का संदेश, हर नागरिक लगाए एक पौधा
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By Suman Kumari
रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक नागरिक से कम-से-कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। Sahebganj News: महिला संघ ने पहाड़ों और स्कूल परिसर में फेंके सीड बॉल्स, ग्लोबल वार्मिंग से बचाव की पहल
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By Susmita Rani
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला संघ, साहिबगंज शाखा ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल की। संघ की महिलाओं ने जामुन, लीची, नींबू, सपाटू और खजूर के बीजों से लगभग 250 सीड बॉल्स तैयार कर मूक-बधिर विद्यालय के पीछे की खुली भूमि और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में फेंके। संघ की अध्यक्ष रुचि भरतिया ने कहा कि सीड बॉल्स हरियाली बढ़ाने और भविष्य के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम हैं। संथाल परगना के लिट्टो बालूघाटू में जैव विविधता संरक्षण की अनूठी पहल, कुलेश भंडारी ने जगाई वन ज्ञान की अलख
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By Mohit Sinha
संथाल परगना के रामगढ़ प्रखंड के लिट्टो बालूघाटू गांव में जैव विविधता शोधकर्ता कुलेश भंडारी के नेतृत्व में 'Wild Food Forest in Tribal Jharkhand' परियोजना के तहत सामुदायिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। असम में मिली दुर्लभ ‘बेंट-टोएड गेको’ छिपकली, वैज्ञानिक भी हुए हैरान
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By Mohit Sinha
असम के ग्वालपारा जिले स्थित उरपाद बील में दुर्लभ बेंट-टोएड गेको छिपकली देखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहली बार है जब इस प्रजाति को राज्य में आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया है। टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में मित्रता दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन
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By Sujit Sinha
मित्रता दिवस के अवसर पर टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में हैंड-रीयर्ड मैंड्रिल ‘रंगा’ का जन्मदिन उत्साहपूर्वक मनाया गया जिसमें फ्रेंडशिप बैंड’ बांधकर पर्यावरण और जैव विविधता के साथ आत्मीयता व मित्रता का प्रतीकात्मक संदेश प्रस्तुत किया. Climate कहानी: जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य को जोड़ने वाला IPBES का 'नेक्सस असेसमेंट': भारत के लिए एक सबक
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By Climate कहानी
भारत जैसे देश, जहां कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और जनसंख्या का बड़ा हिस्सा प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है, इस रिपोर्ट में सुझाए गए उपाय बेहद प्रासंगिक हैं. जल संकट, प्रदूषण, वनों की कटाई और अनियमित शहरीकरण जैसे मुद्दे यहां न केवल जैव विविधता को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव डाल रहे हैं. पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व जैव विविधता पर निर्भर करता है: डॉ रणजीत कुमार सिंह
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By Samridh Jharkhand
साहिबगंज : मानव अस्तित्व के लिए खाना, पानी और अन्य बुनियादी चीजें प्रकृति द्वारा ही संभव हैं।ं इसलिए इसके महत्व पर लोगों का ध्यान आकर्षित करना बेहद जरूरी है। जैव विविधता लोगों की सुरक्षा कैसे करता है, यह जानना जरूरी... जैव विविधता : विकासशील देशों में विकल्पों के अभाव में वन्य जीवों का गैर सतत उपयोग अधिक
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By Samridh Jharkhand
हर पांच में से एक व्यक्ति अपनी आमदनी और भोजन के लिए वन्यजीव प्रजातियों पर है निर्भर। इंसान के भोजन के लिए 10 हजार वन्यजीव प्रजातियों का होता है दोहन अक्सर ‘जैव-विविधता के लिए आईपीसीसी’ के तौर पर वर्णित की... केंदू पत्ता के लिए जंगल में लगायी जाने वाली आग से हर साल निकलता है 56 लाख कार के बराबर धुआं
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By Samridh Jharkhand
नयी दिल्ली : आइफॉरेस्ट द्वारा उपग्रह डेटा विश्लेषण से पता चलता है कि बीड़ी बनाने के लिए तेंदू पत्ता संग्रहण के लिए भारत में हर साल वन भूमि के बड़े हिस्से को जलाया जा रहा है। बढते जलवायु आपदा को... ब्लॉग : आदिवासियों के अधिकार और अस्मिता के अनुत्तरित अध्याय
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By Samridh Jharkhand
रमेश शर्मा 28 मई 1830 को तत्कालीन अमेरिका की संसद में एक क़ानून पारित हुआ जिसे ‘इंडियन रिमूवल एक्ट’ के नाम से जाना जाता है। लेकिन यह संसद मे पारित होने वाले तमाम कानूनों से अलहदा था। वह इसलिये कि... संयुक्त राष्ट्र का यह महा सम्मलेन कस सकता है जैव विविधता के नुकसान पर लगाम
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By Samridh Jharkhand
लिविंग इन हार्मनी विद नेचर के 2050 के लक्ष्य लेकर बढ़ेगा कल से चीन में वर्चुअल रूप से शुरू होने वाला यह जैव विविधता महा सम्मलेन मानव इतिहास में किसी भी वक़्त की तुलना में हम आज सबसे तेज़ी से... 