साहिबगंज का चैती दुर्गा मंदिर बना आस्था का केंद्र, नवरात्रि में उमड़ी भीड़
वैष्णव पद्धति से होती है मां दुर्गा की विशेष पूजा
चैत्र नवरात्रि में साहिबगंज का चैती दुर्गा मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है, जहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
साहिबगंज: पूर्वी फाटक और साहिबगंज महाविद्यालय के मध्य सकरोगढ़ स्थित चैती दुर्गा मंदिर इन दिनों पूरे क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर यहां हर वर्ष भव्य पूजा-अर्चना का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज के गांवों से हजारों श्रद्धालु शामिल होकर मां दुर्गा के दर्शन करते हैं और अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं।

नवरात्रि के दौरान मंदिर में सुबह से लेकर देर रात तक पूजा-आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहता है। ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच श्रद्धालु माता की भक्ति में लीन नजर आते हैं। खासकर संध्या आरती के समय मंदिर का दृश्य बेहद आकर्षक और अलौकिक हो जाता है। यहां सैकड़ों दीपों की रोशनी और जयकारों से वातावरण गूंज उठता है। इस चैती दुर्गा मंदिर की महत्ता केवल नवरात्रि तक सीमित नहीं है, बल्कि रामनवमी जुलूस के दौरान भी यह मंदिर प्रमुख भूमिका निभाता है। जुलूस मार्ग में यह मंदिर एक अहम पड़ाव के रूप में शामिल रहता है, जहां श्रद्धालु रुककर विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और धार्मिक उत्साह का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिलता है।
नवरात्रि और रामनवमी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहता है। मंदिर परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। यह चैती दुर्गा मंदिर न सिर्फ धार्मिक स्थल है, बल्कि यह क्षेत्र में आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन चुका है। यहां हर वर्ग और समुदाय के लोग मिल-जुलकर पूजा में भाग लेते हैं, जो समाज में सद्भाव और एकजुटता का संदेश देता है। यह प्राचीन मंदिर हर साल चैत्र नवरात्रि में आस्था का महासंगम बन जाता है, जहां भक्ति, परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलती है।
