Palamu News: 6 साल की छात्रा की मौत के बाद निजी स्कूलों पर फूटा गुस्सा, बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे सैकड़ों स्कूल
न फायर सेफ्टी, न सही भवन; किराए के कमरों में चल रहे हैं बड़े-बड़े बोर्ड वाले स्कूल
पलामू जिले के पांकी में एक निजी आवासीय स्कूल की 6 वर्षीय छात्रा अशरती कुमारी की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। इस घटना ने जिले में बिना रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा मानकों के चल रहे सैकड़ों अवैध निजी स्कूलों की पोल खोल दी है। अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षा के नाम पर गोरखधंधा चल रहा है, जहाँ खटारा वाहनों और असुरक्षित भवनों में बच्चों की जान जोखिम में डाली जा रही है। स्थानीय लोगों ने अब जिला प्रशासन से इन अवैध स्कूलों को तुरंत बंद करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मेदिनीनगर: पलामू जिले के पांकी क्षेत्र में एक निजी आवासीय विद्यालय की 6 वर्षीय छात्रा, अशरती कुमारी की इलाज के दौरान हुई मौत ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना ने जिले में कुकुरमुत्ते की तरह खुले बिना मान्यता प्राप्त और असुरक्षित निजी स्कूलों की पोल खोलकर रख दी है।
लापरवाही के गंभीर आरोप

स्कूल प्रबंधन की सफाई
दूसरी ओर, स्कूल के संचालक श्याम किशोर पासवान ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। उनका दावा है कि बच्ची को समय रहते अस्पताल ले जाया गया था और स्कूल में बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। उन्होंने छात्रा की मौत के लिए निजी क्लिनिक पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाया है।
'शिक्षा के नाम पर गोरखधंधा'
रिपोर्ट के अनुसार, पलामू के ग्रामीण और गरीब परिवारों को कम शुल्क और आवासीय सुविधा का लालच देकर ये स्कूल अपनी ओर आकर्षित करते हैं। पांकी-मेदिनीनगर मुख्य मार्ग पर ही ऐसे दर्जनों स्कूल मौजूद हैं जो निजी मकानों या किराए के भवनों में चल रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी फेल हो चुका है।
प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
जिले में यह पहली ऐसी घटना नहीं है। इससे पहले तरहसी क्षेत्र में भी एक आवासीय स्कूल से चार बच्चों के भागने की घटना चर्चा में रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग की निगरानी में कमी के कारण अवैध स्कूलों का जाल फैलता जा रहा है। अब अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि:
सभी अवैध स्कूलों की तुरंत जांच की जाए।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे स्कूलों को तत्काल बंद किया जाए।
छात्रा की मौत के लिए जिम्मेदार दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
