पलामू में वनराखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती, पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर का उद्घाटन
जैविक उद्यान में थाईलैंड आम का पौधा लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत
वनराखी मूवमेंट के 50 वर्ष पूरे होने पर पलामू के डाली में स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर का उद्घाटन किया गया और वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया।
पलामू : छतरपुर विश्वव्यापी संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह वनराखी मूवमेंट के प्रणेता डॉ कौशल किशोर जायसवाल द्वारा चलाए जा रहे वनराखी मूवमेंट के 50 वर्ष पूरा होने पर डाली में आयोजित स्वर्ण जंयती समारोह के मुख्य अतिथि अमेरिका के प्रख्यात लेखक शोधकर्ता व पर्यावरणविद् जार्ज जेम्स व कर्नाटक के एपिको आंदोलन के प्रणेता पांडुरंग हेगड़े व डॉ कौशल किशोर जायसवाल ने मोहनलाल खुर्जा पार्वती पार्क में नवनिर्मित पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर का उदघाटन किया।

स्वर्ण जयंती सह उदघाटन समारोह के मुख्य अतिथि जार्ज जेम्स ने कहा कि पिछले 50 वर्षों से डाक्टर कौशल किशोर जायसवाल द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण अभियान का आंदोलन की गुंज हमें अमेरिका तक सुनाई दीं थीं यहा आकर जब उनकी कार्यो को देखा तो काफी प्रसन्नता हो रही है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपने खेतों में फलदार, औषधीय युक्त पौधा लगाकर उसे बचाने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण प्रदुषित होने के कारण हिम पिघलने लगा था जिसके बाद सुन्दर लाल बहुगुणा चिपको आन्दोलन चलाया। उनके आंदोलन में कौशल किशोर जायसवाल, पांडुरंग हेगड़े सहित कई प्रमुख लोगों ने साथ दिया था। आज जरूरत है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।
एपिको आंदोलन के पांडुरंग हेगड़े ने कहा कि आज जरूरत है फल महोत्सव मनाने कि ऐसा नहीं करें कि पौधा लगाएं और कुछ दिनों में उसे जानवर खा जाएं। जरुरत है कि हम पौधा लगाकर उसके फल देने तक उसकी सुरक्षा करें। आज भोगवादी संस्कृति को अपनाने के कारण ही हिमालय व पर्यावरण खतरें में है। वृक्ष जिवंत देवता हैं। प्रकृति के साथ सौहार्द अपनाना होगा तभी आने वाला भविष्य सुखमय होगा। आज विकास की परिभाषा जो जीने का मूल आधार शुद्ध जल, शुद्ध हवा है उसे ही हम खत्म करने पर तुले हुए हैं।
आज कौशल किशोर जायसवाल ने एक छोटे से गांव से पर्यावरण संरक्षण अभियान का जो डंका बजाया है वह पूरे विश्व में गुंजायमान हो रहा है। शिव और वृक्ष एक समान दोनों करते हैं लोगों का कल्याण: कौशल स्वर्ण जयंती समारोह सह उदघाटन समारोह में वनराखी मूवमेंट के प्रणेता डॉ कौशल किशोर जायसवाल ने कहा कि आज उनका जीवन सफल हो गया।
जब उनके कार्यो की गुंज सुनकर अमेरिका के प्रख्यात लेखक शोधकर्ता जार्ज जेम्स जैसे लोग डाली जैसे अतिसुदुर गांवों में पहुंच गए। उन्होंने कहा भगवान शिव व वृक्ष दोनों एक समान होते हैं। दोनों खुद विषपान कर लोगों को अमृतपान कराकर लोगों का कल्याण करते हैं। उन्होंने कहा कि जब 1967 के भीषण आकाल के बाद जब मैं लोगों से पौधा लगाने की अपील कर रहा था तो लोग मुझे पागल कहते थे।
आज वही पागलपन की देन है कि मैंने पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार काम करता रहा जिसका परिणाम है कि मुझे विदेशों में सम्मान दिया जा रहा है और विदेश के लोग पलामू में किए गए कार्यो देखकर प्रसन्नता व्यक्त कर रहे हैं।
धर्म ज्ञान मंदिर की विशेषता
विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कौशल किशोर जायसवाल द्वारा नवनिर्मित पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर में भगवान शिव, वृक्ष देव का मूर्ति स्थापित किया गया है। इसके अलावा समाज व राष्ट्र के लिए जिन महापुरुषों द्वारा योगदान दिया है वैसे महापुरुष डॉ भीमराव अम्बेडकर, भगवान बिरसा मुंडा,मदर टेरेसा, सुन्दर लाल बहुगुणा डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जैसे अन्य महापुरुषों का प्रतिमा लगाया गया है। इस मंदिर में आने वाले लोगों को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित ज्ञान दी जाएगी इसके साथ ही उन्हें बताया जाएगा कि आज पर्यावरण प्रदुषित होने के कारण क्या नुकसान हो रहा है।
मौके पर मुखिया पूनम जायसवाल, जैविक उद्यान के अध्यक्ष अरुण कुमार जायसवाल, प्रसिद्ध कलाकार शिशिर शुक्ला, पंसस सहाबुद्दीन अंसारी, उपमुखिया नगीना खातुन, धर्मेन्द्र सिंह, रजनीश सिंह, रामजी प्रसाद. श्रवण जायसवाल. जोगेंद्र प्रसाद. रघुनाथ प्रसाद.धर्मदेव यादव, सुचीत जायसवाल, सत्येन्द्र जायसवाल अफजाल अंसारी. जुबेर अंसारी. गुलाम गौस. विनोद यादव. रामजन्म यादव. शिवनाथ राम. उमेश कुमार. जुम्मन अंसारी.बाबूराम. सत्या सिंह संतोष कुमार सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
