लखनऊ आशियाना कांड: बेटे ने पिता की हत्या कर शव काटा, बहन 4 से दिन कैद
लखनऊ: लखनऊ के आशियाना इलाके से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 21 साल के अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की निर्मम हत्या कर दी। पैथोलॉजी लैब चलाने वाले मानवेंद्र की ख्वाहिश थी कि बेटा डॉक्टर बने, लेकिन अक्षत बिजनेस की जिद पर अड़ा रहा। इसी विवाद ने 20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे घर को खून से लाल कर दिया।

अक्षत ने पुलिस पूछताछ में सफाई दी कि पिता नीट परीक्षा की तैयारी के लिए दबाव डाल रहे थे। जब उसने इनकार किया तो मानवेंद्र ने लाइसेंसी राइफल तान दी। राइफल छीनते हुए गोली चल गई और पिता की मौके पर मौत हो गई। लेकिन जांच में सच्चाई कुछ और निकली - अक्षत ने हत्या के बाद शव को आरी से काटा, टुकड़े किए और ठिकाने लगाने की कोशिश की। गोमती नदी में फेंकने का प्लान था, पर वजन ज्यादा होने से नीले ड्रम में धड़ भर लिया।
गोली की आवाज सुन छोटी बहन कृति कमरे से बाहर निकली तो फर्श पर पिता का शव देख चीख पड़ी। अक्षत ने उसे मार डालने की धमकी देकर चार दिनों तक कमरे में कैद रखा। दहशत में कृति चुप रही, दरवाजा खुला तो रिश्तेदारों के गले लग रो पड़ी। इस दौरान अक्षत शव के टुकड़े फेंकता रहा, पड़ोसियों को गुमराह करने को पिता दिल्ली गए बताकर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी।
पड़ोसी कैमरा फुटेज खंगालने लगे तो 19 फरवरी रात 12 बजे मानवेंद्र कार से घर लौटे दिखे, उसके बाद बाहर नहीं निकले। अक्षत कार लेकर सदरौना की तरफ जाता नजर आया। 2017 में मां का देहांत हो चुका था, दादा सुरेंद्र पाल सिंह जालौन में रिटायर्ड दरोगा हैं। चाचा अरविंद कुमार सचिवालय सुरक्षा में तैनात हैं। अक्षत बीकॉम स्टूडेंट है, कृति 11वीं की। मोहल्ले वालों का कहना है अक्षत घर पर युवती लाता था, पिता विरोध करते थे। पुलिस अब बिजनेस कंट्रोल की थ्योरी पर जांच कर रही है।
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