Dumka News : रामगढ़ प्रखंड में ‘100 दिवसीय अभियान’ के तहत प्रखंड स्तरीय कार्यशाला आयोजित
ग्राम सभा में बाल विवाह मुद्दे को नियमित एजेंडा बनाने पर सहमति
दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड कार्यालय में ‘100 दिवसीय अभियान’ के तहत बाल विवाह उन्मूलन को लेकर प्रखंड स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने समन्वय के साथ जागरूकता व रोकथाम की रणनीति तय की।
दुमका : जिला अंतर्गत रामगढ़ प्रखंड कार्यालय में ‘100 दिवसीय अभियान’ के तहत एक महत्वपूर्ण प्रखंड स्तरीय कार्यशाला का आयोजन प्रखंड विकास पदाधिकारी कमलेश कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह उन्मूलन, समुदाय-स्तरीय जागरूकता को सुदृढ़ करना तथा विभिन्न विभागों एवं संगठनों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से इस सामाजिक कुरीति की रोकथाम हेतु ठोस रणनीति तैयार करना था।

कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य ‘100 दिवसीय अभियान’ के अंतर्गत बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाना, पंचायत स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत करना तथा समुदाय में व्यवहार परिवर्तन लाने हेतु समन्वित प्रयासों को गति देना था। रामगढ़ प्रखंड नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉकों में शामिल है, जहाँ सामाजिक विकास के प्रमुख संकेतकों में सुधार लाने के लिए विशेष पहल की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम साथी संस्था की प्रोग्राम ऑफिसर सुश्री ज्योति चौधरी ने ‘100 दिवसीय अभियान’ के उद्देश्य, कार्यप्रणाली एवं तीनों चरणों—जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता तथा रोकथाम/कार्रवाई—की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम को सामूहिक दायित्व बताते हुए पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित बाल विवाह की पहचान कर समय रहते आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित करें।
नीति आयोग से जिला समन्वयक अमलेश कुमार ने अपने संबोधन में बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार दुमका जिले में 100 में से लगभग 43 शादियाँ बाल विवाह की श्रेणी में आती हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बाल विवाह के कारण बालिकाओं की शिक्षा बाधित होती है, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा कुपोषण की समस्या बढ़ जाती है।
लेडी सुपरवाइजर अर्पणा कुमारी ने बाल विवाह के बहुआयामी प्रभावों को समझाते हुए कहा कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चे शारीरिक एवं मानसिक रूप से पूर्ण विकसित नहीं हो पाते, जिसके परिणामस्वरूप वे शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण जैसे मूल अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने निरंतर सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर विशेष जोर दिया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए बीडीओ कमलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि बाल विवाह उन्मूलन के लिए प्रशासन, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं एवं क्षेत्र में कार्यरत अन्य गैर-सरकारी संगठनों के बीच समन्वित एवं सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 को प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए, ताकि जरूरतमंद बच्चों एवं परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध हो सके।
उन्होंने आगे निर्देशित किया कि ग्राम सभा की बैठकों में बाल विवाह के मुद्दे को नियमित एजेंडा के रूप में शामिल किया जाए तथा पंचायत सचिव अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में बाल विवाह निषेध के लिए विशेष रूप से सतर्क रहें। संभावित मामलों में त्वरित रोकथाम और प्रशासनिक हस्तक्षेप को प्राथमिकता देने पर भी बल दिया गया। बैठक के दौरान मोहरैया पंचायत के ग्राम प्रधान इंग्लिश लाल मरांडी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे ग्राम सभा एवं पंचायत बैठकों में नियमित रूप से बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाते हैं तथा अन्य गांवों में जाकर भी लोगों को इस विषय पर जागरूक करते हैं।
अन्य उपस्थित गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी समुदाय-आधारित जागरूकता, परामर्श एवं निगरानी तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यशाला के अंत में बीडीओ ने कहा कि यदि सभी विभाग, पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाएं एवं क्षेत्र में कार्यरत अन्य गैर-सरकारी संगठन मिलकर समन्वित रूप से कार्य करें, तो बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को शीघ्र समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस प्रकार, ‘100 दिवसीय अभियान’ के अंतर्गत आयोजित यह प्रखंड स्तरीय कार्यशाला बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई, जिससे पंचायत स्तर पर जागरूकता, समन्वय एवं रोकथाम तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
