"मेरी 2 बच्चीयां जिंदा जल गई"... लखनऊ की भीषण आग में उजड़ गए सैकड़ों घर, अब भी कई लोगों की तलाश
आग की इस भयावह घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में भारी अफरा-तफरी मच गई थी। कोई अपने बच्चे को पुकार रहा था, तो कोई अपने पिता और भाई की तलाश में इधर-उधर भटक रहा था। चारों तरफ चीख-पुकार और घबराहट का माहौल बना हुआ था। करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। इसके बाद राहत और बचाव दल ने मलबे में तलाशी अभियान शुरू किया, जिसमें दो बच्चों के शव बरामद किए गए। इस हादसे में दो मासूमों की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार मृतकों में एक बच्ची की पहचान श्रुति के रूप में हुई है, जबकि दूसरी मृतक एक नवजात थी, जिसकी उम्र लगभग दो महीने बताई जा रही है। डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है और अन्य लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
लखनऊ: विकासनगर इलाके में बुधवार शाम एक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 250 से अधिक झोपड़ियां जलकर पूरी तरह राख हो गईं और सैकड़ों परिवारों की जीवनभर की जमा पूंजी कुछ ही घंटों में खत्म हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और चीख-पुकार का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की शुरुआत विकासनगर सेक्टर-11 के पास हुई और तेज हवा तथा ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैलते हुए सेक्टर-14 तक पहुंच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर खुले मैदानों में शरण लेनी पड़ी।
सिलेंडर धमाकों ने बढ़ाई आग की भयावहता

घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। करीब 20 फायर टेंडरों ने लगातार लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक सैकड़ों परिवार बेघर हो चुके थे और उनका सारा सामान जलकर नष्ट हो चुका था।
लापता और घायलों को लेकर अलग-अलग दावे
घटना के बाद कुछ लोगों ने दावा किया कि एक दिव्यांग समेत करीब छह लोग लापता हैं और कई लोग झुलस गए हैं। हालांकि प्रशासन ने किसी भी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है।
बेघर हुए हजारों लोग, प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य
इस हादसे के बाद 1000 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी शेल्टर होम, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की है। सरकार ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने और पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
