Koderma News : वेतन के लिए भटक रही विधवा सफाई कर्मी, बीपीएम पर पैसे मांगने का आरोप
उधवा देवी ने जिला प्रशासन से बकाया वेतन दिलाने की लगाई गुहार
सतगावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सफाई कर्मी उधवा देवी ने आरोप लगाया है कि पिछले पांच महीनों से उनका वेतन नहीं दिया गया है। उन्होंने बीपीएम पर वेतन दिलाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
कोडरमा : सतगावां प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। यहां कार्यरत एक विधवा सफाई कर्मी ने रोते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि पिछले पांच महीनों से उसे वेतन नहीं दिया गया है और वेतन के बदले पैसे की मांग की जा रही है।

उधवा देवी ने बताया कि परिवार चलाने के लिए उन्हें अलग-अलग जगहों पर काम करना पड़ता है। उनका बेटा भी मजबूरी में एक होटल में काम कर रहा है, फिर भी घर का खर्च ठीक से नहीं चल पा रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी वह वेतन मांगने जाती हैं तो उन्हें टाल-मटोल कर दिया जाता है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) मनोज राम द्वारा वेतन दिलाने के नाम पर पैसे की मांग की जाती है। उधवा देवी का कहना है कि उनसे कहा जाता है कि अगर पैसे नहीं दिए तो नौकरी से हटा दिया जाएगा।
उधवा देवी ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए उनका बकाया वेतन दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप बताया जाता है कि सतगावां सीएचसी में पदस्थापित बीपीएम मनोज राम के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग झारखंड ने उनके खिलाफ लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुए उनकी मानदेय वृद्धि पर रोक लगा दी है।
सूत्रों के अनुसार मनोज राम पिछले करीब 17 वर्षों से सतगावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित हैं। विभाग को मिली शिकायतों में उनकी कार्यशैली, अमर्यादित व्यवहार, विभागीय निर्देशों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितता जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित शिकायतें भी विभाग को प्राप्त हुई हैं, जिनकी विभागीय जांच फिलहाल चल रही है।
स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित रहने के कारण कार्यप्रणाली में मनमानी और अहंकार देखने को मिलता है, जिसका असर पूरे कार्यस्थल के माहौल पर पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री, कोडरमा के उपायुक्त और सिविल सर्जन इस मामले को लेकर क्या कार्रवाई करते हैं। गौरतलब है कि सतगावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहले भी कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। फिलहाल एक विधवा महिला की पीड़ा ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
