Koderma News: भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का जिला स्तरीय पुरस्कार सह सम्मान समारोह सम्पन्न
114 स्कूलों के 9348 विद्यार्थियों ने दिखाई अपनी प्रतिभा
झुमरीतिलैया के गायत्री मंदिर में शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित 'भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा' के जिला स्तरीय समारोह में 114 स्कूलों के 9348 छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में 45 सफल छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। अतिथियों ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण और बच्चों को मोबाइल की लत से बचाने पर जोर दिया, साथ ही महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं की भूमिका को भी सराहा।
कोडरमा: शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का जिला स्तरीय पुरस्कार सह सम्मान समारोह झुमरीतिलैया के गायत्री मंदिर में आयोजित किया गया। यह पुरस्कार सम्मान समारोह पूरे कोडरमा जिला में शामिल सरकारी गैर सरकारी कुल 114 विद्यालय के 9348 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि झुमरी तिलैया के नगर परिषद अध्यक्ष रमेश हर्षधर, विशिष्ट अतिथि कोडरमा नगर पंचायत अध्यक्ष साजिद हुसैन और सीडी बालिका उच्च विद्यालय के अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य राम प्रवेश पांडेय ने उद्घाटन किया।

विदेशों में कार्यरत युवाओं से अपील किया कि अपने भारतीय संस्कृति को सुरक्षित और विकसित रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा इस कार्यक्रम में मुझे आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और कार्यक्रम में आने के बाद उद्देश्य का नजदीक से पता चला। विशिष्ट अतिथि रामप्रवेश पांडे ने कहा कि बच्चे भविष्य के ही नहीं बल्कि वर्तमान के भी निर्माता हैं एवं शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं उन्हें संरक्षित करने की जरूरत है।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा एक ऐसा माध्यम है जो न केवल छात्र-छात्राओं को बल्कि शिक्षकों को भी बदलने का काम कर रहा है, महिला दिवस पर महिलाओं को भी आगे बढ़ने का कई महत्वपूर्ण विचार दिये। मुख्य अतिथि झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष रमेश हर्षधर ने कहा कि आज हमारा समाज मुख्य रूप से मोबाइल पर आश्रित हो चुका है मोबाइल एक अच्छी चीज के साथ-साथ बच्चों के लिए खराब माध्यम भी बनता जा रहा है अतः बच्चों को मोबाइल देना उचित नहीं हैl गायत्री परिवार ने जिले के सुदूर क्षेत्रों में भी जाकर भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाने का प्रयास बहुत ही सराहनीय है, इस आयोजन से काफी प्रभावित हूं। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला समन्वयक शिव कुमार वर्णवाल ने जिले की इस उपलब्धि को सभी कार्यकर्ता, विद्यालय प्रबंधन प्राचार्य, आचार्य और सहयोगी के सम्मलित प्रयास बताया।
