सरयू राय का बन्ना गुप्ता पर हमला, कहा– गलत सलाह से फैल रही है मानगो में गंदगी का भ्रम
एनजीटी के आदेश का हवाला देते हुए सरयू राय ने बताया कूड़ा डंप पर रोक सरकार के निर्णय से लगी थी
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि अधूरी जानकारी के आधार पर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोनारी मरीन ड्राइव के पास कूड़ा डंप पर रोक एनजीटी के आदेश के बाद सरकार द्वारा लगाई गई थी और इसका जिम्मेदार उन्हें ठहराना गलत है।
जमशेदपुर : पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि पुरानी कहावत है कि कम अक़्ल को सलाह देने के बदले दो पैसा दे देना बेहतर होता है, पर दो पैसा बचाने के चक्कर में भाई लोग ग़लत सलाह ठोक देते हैं। ऐसे ही किसी अधकचरे उर्वर मस्तिष्क ने मेयर पति बनने के ख़्वाब में डूबे पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता को सलाह दे दिया कि सोनारी में नदी किनारे मरीन ड्राइव से सटे भूखंड पर मानगो का जो कूड़ा-कचरा डंप किया जा रहा था, उसे सरयू राय ने रोकवा दिया।

बयान में सरयू राय ने कहा कि इस मामले में सच्चाई यह है कि मानगो नगर निगम और जेएनएसी का कूड़ा कचरा मरीन ड्राइव किनारे टाटा स्टील के ख़ाली पड़े भूखंड पर बहुत दिनों से फेंका जा रहा था। वहां कूड़ा का पहाड़ खड़ा हो गया। उसमें आग लग गई। वहां से निकलने वाले धुआँ के क़ारण सोनारी के बड़े इलाके में प्रदूषण फैल गया।
वहां के निवासियों ने जमशेदपुर से रांची तक तमाम प्रशासनिक अधिकारियों का दरवाज़ा खटखटाया पर समाधान नहीं हुआ। तब उस क्षेत्र के एक प्रबुद्ध वरिष्ठ नागरिक केएस उपाध्याय ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में मुकदमा दायर कर दिया (मुकदमा संख्या- 5/2023/ईजेड)।
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजय उपाध्याय ने एनजीटी के सामने सोनारी के नागरिकों का पक्ष रखा। बहस शुरू हुई तो सरकारी नुमाइंदों की घिग्घी बंध गई। वे जवाब नहीं दे पाए। एनजीटी ने उन्हें फटकार लगाया और आदेश दिया कि उक्त स्थान पर कूड़ा कचरा गिराना बंद कीजिए, कूड़ा के पहाड़ में लगी आग बुझाइए और कूड़ा को वहां से हटाइए।
सरयू राय ने कहाः तब बन्ना गुप्ता जिस सरकार में मंत्री थे, उस सरकार ने वहां मानगो का कचरा गिराने पर रोक लगा दी, आग बुझायी और वहां कचरा हटाने के लिए कई करोड़ रूपए का टेंडर निकाला। यदि इसी कारण मानगो की सड़कों पर, गलियों- मोहल्लों में कचरा की गंदगी है तो इसके लिए कौन दोषी है? बन्ना बताएं या ग़लतबयानी करने के अल्पज्ञान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगें।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
