बड़कागांव में एक दर्जन से अधिक सरकारी विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे संचालित
ग्रामीणों ने राज्य सरकार से की पारा शिक्षक बहाली की मांग
हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड में एक दर्जन से अधिक सरकारी विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। प्रशिक्षण व बैठकों के दौरान विद्यालय शिक्षक विहीन हो जाते हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार से पारा शिक्षक बहाली पुनः शुरू करने की मांग की है।
हजारीबाग : जिला अंतर्गत बड़कागांव प्रखंड में एक दर्जन से अधिक सरकारी विद्यालय एक शिक्षक द्वारा संचालित हो रहा है। जिसमें दर्जन से अधिक ऐसे विद्यालय हैं जिन विद्यालयों में मात्र एक शिक्षक कार्य कर रहें हैं। प्रत्येक माह समय-समय पर इन शिक्षकों को मासिक गुरु गोष्ठी , विद्यालय रिपोर्ट समर्पित करने प्रखंड कार्यालय जाना पड़ता है।

इन विद्यालयों में महज एक शिक्षक
प्रखंड अंतर्गत के इन विद्यालयों में महज एक शिक्षक कार्यरत हैं। जिनमें मुख्य रूप से प्राथमिक विद्यालय कुंदरू , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय ऊपर पहाड़ , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कनोदा , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय जोजोटोला , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय शिखरबेड़ा , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बगाही , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय गंगादोहर , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय हुरलंगबागी , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कर्माटीलहा , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मरदुसोती , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कौंसी, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय रोहनगोड़ा , उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय गोबरदहा का नाम शामिल है।
पारा शिक्षकों की बहाली शुरू करने की मांग
वहीं ग्रामीणों ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि वर्षों से पारा शिक्षक ( सहायक अध्यापक ) की बहाली बंद है।मांग किया जाता है कि पुनः एक बार राज्य सरकार पारा शिक्षकों की बहाली शुरू करें। क्योंकि पारा शिक्षकों से कई प्रकार के लाभ होते हैं।जैसे कम मानदेय भुगतान कर पारा शिक्षकों को पद स्थापित कर करोड़ों रुपए की राशि की प्रतिवर्ष बचत होता है।
वहीं युवा होने के नाते इन शिक्षकों में जुनून , जोश , जज्बा व नई उमंग होता है जिससे शिक्षण कार्य बेहतर तरीके से संचालित होता है और शिक्षा की प्रतिशत दर में वृद्धि होती है। क्योंकि राज्य में कई ऐसे युवा हैं जो पढ़ लिखकर अच्छे एजुकेशन प्राप्त कर तथा प्रशिक्षित होकर नौकरी या रोजगार के लिए प्रयासरत हैं। उन्हें एक मौका भी मिलेगा। इससे बेरोजगारी भी दूर होगी और शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर से एक नई क्रांति आएगी।
एक शिक्षकीय विद्यालय में एक-एक और शिक्षक पदस्थापित करने की मांग करने वालों में मुख्य रूप से प्रभारी प्रधानाध्यापिका सह सचिव - मार्था तिर्की , प्रभारी प्रधानाध्यापक सह सचिव / सहायक अध्यापक मुक्ती टूटी , मोहम्मद शब्बीर , संगीता मरांडी , प्रभु दयाल बेदिया, प्रकाश गंझू , देवंती देवी , राजेंद्र कुमार , रमेश टुडू , बसंती कुमारी , अंजू देवी , कालेश्वर मरांडी, शांति टूटी ने मांग किया हैं।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
