केंद्र का बजट गरीब-किसान-युवाओं के भविष्य को देगा नई दिशा : चंपई सोरेन
कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को मजबूती देने वाला बजट बताया
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने केंद्र सरकार के बजट को विकसित भारत के निर्माण की दिशा में दूरदर्शी और समावेशी बताते हुए कहा कि यह बजट किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
पूर्वी सिंहभूम : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी और समावेशी रोडमैप बताया है। उन्होंने रविवार को अपने एक्स पोस्ट के जरिए कहा कि यह बजट सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं, छात्रों और आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। बजट का मुख्य उद्देश्य लोगों की क्षमताओं को निखारना, हर परिवार के लिए आय के नए अवसर सृजित करना और देश की आर्थिक विकास दर को तेज करना है।
चंपई सोरेन के अनुसार बजट में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर विशेष जोर दिया गया है। काजू, अखरोट, बादाम, नारियल, कॉफी और मछली पालन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देकर किसानों और छोटे उद्यमियों की आय बढ़ाने की योजना सराहनीय है। खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों के लिए किए गए प्रावधानों से बुनकरों और शिल्पकारों के जीवन में खुशहाली आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल पार्कों के जरिए “मेक इन इंडिया” को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों के उन्नयन, नए ट्रॉमा सेंटर और आयुर्वेद में नए एम्स की शुरुआत से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। सेमीकंडक्टर, बायोफार्मा और मेडिकल उपकरणों को सस्ता करने के फैसले
