समंदर में बढ़ेगी भारत की ताकत! ‘तारागिरी’ 3 अप्रैल को नौसेना में होगा शामिल
3 अप्रैल को विशाखापत्तनम में होगा कमीशनिंग समारोह
भारत की समुद्री ताकत को मजबूत करने के लिए स्वदेशी गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट INS तारागिरी को 3 अप्रैल को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। यह युद्धपोत ब्रह्मोस और बराक-8 जैसी आधुनिक मिसाइलों से लैस है।
नई दिल्ली। वैश्विक तनाव के बीच भारत अपनी समुद्री ताकत को और मजबूत करने जा रहा है। स्वदेशी गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट INS Taragiri जल्द ही भारतीय नौसेना में शामिल होने वाला है।

ब्रह्मोस और बराक-8 से लैस ताकतवर युद्धपोत
प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित नीलगिरी क्लास का यह आधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है, जो एंटी-सर्फेस और एंटी-शिप युद्ध में बेहद प्रभावी है। इसके अलावा, इसमें लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली ‘बराक-8’ मिसाइल, एयर डिफेंस गन, स्वदेशी टॉरपीडो ‘वरुणास्त्र’ और रॉकेट लॉन्चर लगाए गए हैं।
हाईटेक रडार और सोनार सिस्टम से लैस
‘तारागिरी’ आधुनिक सोनार, मल्टी-फंक्शन डिजिटल रडार और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम से सुसज्जित है, जो दुश्मन के हमलों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है। इसमें हेलिकॉप्टर हैंगर भी है, जहां दो हेलिकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं।
‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती
प्रोजेक्ट 17A के तहत बनाए जा रहे सात नीलगिरी क्लास फ्रिगेट में करीब 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी हैं। इस युद्धपोत का डिजाइन भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। 6700 टन वजनी यह फ्रिगेट 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है।
गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के तहत पहले ही INS Nilgiri, हिमगिरी और उदयगिरी को नौसेना में शामिल किया जा चुका है। ‘तारागिरी’ इस श्रृंखला का चौथा फ्रिगेट होगा।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
