बिहारी पॉलिटिक्स का झारखंडीकरण करने को तैयार जदयू, मांडू से प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो के बेटे दुष्यंत पटेल लड़ेंगे चुनाव
12 विधानसभा सीटों पर दावेदारी की तैयारी, होगा कार्यकर्ता सम्मेलन
झारखंड में बीजेपी के साथ गठबंधन की राह आसान नहीं है। एनडीए सहयोगियों में फिलहाल जदयू की 12 सीटों पर तैयारी है तो वहीं चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) और केंद्रीय मंत्री जीतनराम साहनी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्यूलर) की सीटों की संख्या का आना शेष है।
रांची: झारखंड में विधानसभा चुनाव की गहमागहमी तेज होती जा रही है। बीजेपी ने आज से सभी सीटों के लिए रायशुमारी शुरू की है तो वहीं झामुमो-कांग्रेस भी अपनी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। इसके अलावा तैयारियों में वैसे दल भी शामिल हैं, जिनकी राजनीतिक सक्रियता हाल के दिनों तक नजर नहीं आ रही थी लेकिन चुनाव को देखते हुए अब वह सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसमें बिहार में सक्रिय दल आगे दिख रहे हैं। केंद्र में मोदी सरकार को अपनी बैसाखी के भरोसे टिकाए रखने वाली जदयू ने झारखंड में विधानसभा की 12 सीटों पर दावेदारी करते हुए तैयारियां शुरू कर दी है। तैयारियों के अंतर्गत इन सभी सीटों पर जल्दी ही कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जदयू ने पूर्व में ही एलान किया है कि वह एनडीए फोल्डर में रहकर ही झारखंड में विधानसभा चुनाव लड़ेगी, ऐसे में जदयू की तैयारी बीजेपी के लिए नई मुश्किलें न खड़ी कर दे।
संभावित सीटों पर कार्यकर्ता सम्मेलन की तैयारी
बीते दिनों जब झारखंड प्रदेश जदयू कार्यसमिति की बैठक रांची में हुई थी तो इसमें भाग लेते हुए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने एलान किया था कि जदयू एनडीए फोल्डर में रहकर ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी और इसके लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के सीएम नीतीश कुमार बात करेंगे। कार्यसमिति की बैठक में ही संभावित 12 सीटों का चयन कर शीर्ष नेतृत्व को इस संबंध में प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया था।

मांडू से खीरू महतो के बेटे दुष्यंत लड़ेंगे चुनाव
बीजेपी के गढ़ वाले सीटों पर दावेदारी
जदयू ने विधानसभा चुनाव को लेकर जिन 12 सीटों को चिह्नित किया है वह सभी बीजेपी के गढ़ कहे वाली सीटें है। इनमें मांडू, झरिया, टुंडी, छतरपुर, चतरा, मांडर, जमशेदपुर पूर्वी, देवघर, जरमुंडी, मनोहरपुर, विश्रामपुर और बाघमारा है। इन सीटों में फिलहाल बीजेपी के पास मांडू, देवघर, बाघमारा और विश्रामपुर सीट है। जबकि जमशेदपुर पूर्वी की सीट पूर्व सीएम रघुवर दास की परंपरागत सीट है और 1995 से लगातार इस सीट से वह चुनाव लड़ते रहे हैं लेकिन इस बार उनके परिवार से किसी के चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा है क्योंकि रघुवर दास फिलहाल ओड़िशा के राज्यपाल हैं।
इसके अलावा झरिया सीट पर कोयलांचल की राजनीति में अपना सिक्का चलाने वाले सिंह मेंशन की दावेदारी है तो वहीं छतरपुर,मांडर, चतरा से पूर्व में बीजेपी के विधायक रह चुके हैं। ऐसे में जदयू की दावेदारी में सबसे बड़ा पेंच यह है कि बीजेपी अपनी जीती हुई इन सीटों को कैसे और किसके लिए जदयू को दे, खासकर तब जब जदयू के पास न तो वोट बैंक है और न ही कोई चेहरा। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने जदयू के साथ चुनावी गठबंधन से जुड़े एक सवाल के जबाब में कहा था कि इसका फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को लेना है।
झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के साथ संभावित गठबंधन की राह उसके एनडीए सहयोगियों के लिए आसान नहीं दिख रहा है। फिलहाल जदयू ने ही 12 सीटों की मांग रखे जाने की चर्चा है तो इसके अलावा चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) और केंद्रीय मंत्री जीतनराम साहनी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्यूलर) की सीटों की संख्या का आना शेष है।
