उत्तरकाशी आपदा: मौत का सैलाब बना खीरगंगा का उफान, सब कुछ तबाह, 50 से अधिक लापता
होटल-बाजार समेत दर्जनों जिंदगियां मलबे में दफ़न
देहरादून/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार तड़के गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित धराली गांव के पास खीरगंगा (खीर गाड़) में बादल फटने से भीषण आपदा आ गई है। इस घटना ने गंगोत्री घाटी में भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 4 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 50 से अधिक लोगों के मलबे में दबे होने या बह जाने की आशंका है। धराली का पूरा बाजार लगभग पूरी तरह से नष्ट हो गया है।
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https://twitter.com/RAHULKUMAR705/status/1952669799256911974
क्या और कैसे हुआ हादसा?
- प्रभावित क्षेत्र: आपदा का मुख्य केंद्र धराली बाजार रहा, जो गंगोत्री धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

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नुकसान का आकलन: प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, 20 से 25 होटल, कई होमस्टे, दुकानें और आवासीय घर मलबे में समा गए हैं। कई वाहन भी बाढ़ में बह गए। गंगोत्री राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित है।
बचाव और राहत अभियान
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां तुरंत हरकत में आईं।
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तैनात टीमें: मौके पर भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।
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चुनौतियाँ: लगातार हो रही बारिश और दुर्गम इलाका होने के कारण बचाव कार्यों में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मलबे का ढेर बहुत बड़ा है, जिसे हटाने में समय लग रहा है।
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हेलीकॉप्टर से निगरानी: गंभीर रूप से घायलों को निकालने और स्थिति का आकलन करने के लिए हेलीकॉप्टरों को भी तैयार रखा गया है, हालांकि खराब मौसम इसमें बाधा डाल रहा है।
दो एमआई और एक चिनूक हेलिकॉप्टर राहत बचाव का अनुरोध
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के पास उत्तरकाशी में बादल फटने की प्राथमिक सूचना प्राप्त हुई है। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने भारत सरकार को दो एमआई और एक चिनूक हेलिकॉप्टर राहत और बचाव कार्य के लिए देने का अनुरोध किया है।
https://twitter.com/timesofindia/status/1952658913645547652
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
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मुख्यमंत्री की नजर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को हर संभव मदद मुहैया कराने और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
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केंद्रीय सहायता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री धामी से बात कर स्थिति की जानकारी ली है और केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
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हेल्पलाइन नंबर: जिला प्रशासन ने फंसे हुए लोगों और उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि सूचना का आदान-प्रदान हो सके।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने पहले ही उत्तराखंड के कई जिलों, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में अगले 24 से 48 घंटों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था। इस घटना के बाद, प्रशासन ने लोगों और तीर्थयात्रियों से अत्यधिक सतर्क रहने और नदियों के किनारे तथा संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
यह आपदा 2013 की केदारनाथ त्रासदी की भयावह यादों को ताजा करती है और मानसून के दौरान उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर करती है।
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