भारत ने रूस से खरीदी VL-श्तिल एयर डिफेंस मिसाइल, पाकिस्तान के लिए बनेगी काल
नई दिल्ली: रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में 5,083 करोड़ रुपये की डील फाइनल की है, जिसमें ALH MK-III (MR) हेलीकॉप्टर और वर्टिकल लॉन्च श्तिल (VL-Shtil) एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। खास तौर पर भारतीय नौसेना ने 2,182 करोड़ रुपये में रूस की JSC रोसोबोरोनएक्सपोर्ट से श्तिल मिसाइल सिस्टम खरीदने का समझौता किया है। इस सौदे से भारत को पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान से आने वाले हवाई खतरों का मुकाबला करने में मजबूत बढ़त मिल जाएगी, क्योंकि ये मिसाइलें कम दूरी पर एक साथ 12 टारगेट्स को नेस्तनाबूद कर सकती हैं। युद्ध के मैदान में ये हथियार दुश्मन के लिए मौत का तांडव साबित होंगे।

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श्तिल-1 मिसाइल सिस्टम की ताकत जानकर हैरानी होती है। ये मीडियम रेंज नेवल एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे रूस की अलमाज-आंते कंपनी ने हल्के युद्धपोतों के लिए डेवलप किया। इसमें 9M317ME सिमी-एक्टिव रडार होमिंग (SARH) मिसाइल लगी है, जो ठोस ईंधन पर चलती है और पंखों को मोड़ने की खासियत रखती है। नौसेना के लिहाज से डिजाइन की गई ये मिसाइल सुपरसोनिक एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और एंटी-शिप मिसाइलों को चुटकियों में ध्वस्त कर देती है। इसकी रेंज 3.5 से 50 किलोमीटर तक है, जो पहाड़ी इलाकों में 5 मीटर से 15 किलोमीटर ऊंचाई तक मार कर सकती है।
फायरिंग की स्पीड इसकी सबसे बड़ी ताकत है। हर 2-3 सेकंड में एक मिसाइल दागने की क्षमता इसे बेहद घातक बनाती है, जिससे दुश्मन के हमलों को तुरंत काउंटर किया जा सके। भारत ने इसे इजरायली बराक-8 MR-SAM जैसे एक्टिव रडार होमिंग सिस्टम्स के बावजूद चुना, क्योंकि SARH तकनीक ज्यादा किफायती और जहाजों पर ज्यादा मिसाइलें लोड करने लायक है। SARH में जहाज का हाई-पावर फायर कंट्रोल रडार टारगेट को रोशन करता है, जबकि ARH छोटे बैटरी वाले ट्रांसमीटर पर निर्भर होता है जो कमजोर सिग्नल देता है। इससे लागत में भारी बचत होती है, क्योंकि एक जहाज को 24-36 मिसाइलें कैरी करनी पड़ती हैं।
हालांकि SARH की कुछ कमियां भी हैं। ये छोटी दूरी के टारगेट्स पर ज्यादा असरदार है, जहां टारगेट को उघाड़कर निशाना आसान हो जाता है। दूरी बढ़ने पर रिफ्लेक्टेड सिग्नल कमजोर पड़ जाता है। फिर भी, भारत के नौसैनिक बेड़े के लिए ये सिस्टम गेम-चेंजर साबित होगा, खासकर पाकिस्तान जैसे करीबी खतरों के खिलाफ। इस खरीद से भारत की डिफेंस स्ट्रैटेजी और मजबूत हो गई है।
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