फागुन के रंगों में सराबोर हुआ संस्कार भारती रांची महानगर का होली मिलन
गुलाब की कली और अंगवस्त्र से हुआ अतिथियों का आत्मीय स्वागत
संस्कार भारती रांची महानगर द्वारा चुटिया स्थित अनूप मजूमदार के आवास पर होली मिलन समारोह हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्येय गीत, सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन से हुई।
रांची : संस्कार भारती रांची महानगर की ओर से चुटिया स्थित अनूप मजूमदार के आवास पर होली मिलन समारोह हर्षोल्लास, आत्मीयता और सांस्कृतिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। आगत अतिथियों का स्वागत गुलाब की कली, अंगवस्त्र एवं अबीर अर्पित कर आत्मीय भाव से किया गया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण आरंभ से ही स्नेह और सम्मान से सराबोर हो उठा।

दीप प्रज्ज्वलन संस्कार भारती झारखंड प्रान्त के अध्यक्ष डॉ. सुशील अंकन द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि सामासिक संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने सभी से प्रेम, सौहार्द्र और आत्मीयता के रंग फैलाने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में सुजाता मजूमदार ने “आज बिरज में होली रे रसिया” गीत से वातावरण को झूमने पर विवश कर दिया। उन्होंने नागपुरी भाषा में भी होली की सुंदर प्रस्तुति देकर स्थानीय रंग को सजीव किया। जे.पी. सिंह ने लोकगीत प्रस्तुत कर पारंपरिक फागुन की छटा बिखेरी।
आर. एन. सिंह ने भोजपुरी गीत “रंगवा अउरी अबीर, खेलत भिंगेली बदरिया” से माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। कुमकुम गौड़ ने “अंचरा में भरनी हो अबीर गुलाल...” जैसे लोकप्रिय भोजपुरी गीत से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
काव्य पाठ की श्रृंखला में कवि राकेश रमण ने “फॉगुन की गगरी” कविता से श्रोताओं को होलियाना रंग में सराबोर किया। कवि आशुतोष प्रसाद ने “आज हवा में उड़े अबीर, महके गली मोहल्ला...” की टेर लगाकर रंगों की बगिया का सजीव चित्र उपस्थित किया। वर्षा ऋतुराज ने “होली आई रे...” कविता के माध्यम से रंग, मस्ती और उल्लास का संदेश दिया। प्रमिला कपूर ने भी होली गीतों से वातावरण को मधुर बना दिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण भरतनाट्यम की कुशल नृत्यांगना गार्गी शोम की मनोहारी नृत्य प्रस्तुति रही। उनके नृत्य ने उपस्थित फागुन प्रेमियों को झुमाया, रिझाया और उत्सव में सहभागी बना दिया।
समारोह में अनूप मजूमदार, लिपिका रॉय, जे.पी. सिंह, लल्लन रॉय, आशुतोष प्रसाद, शशिकला पौराणिक, शिव पूजन पाठक, कुमकुम गौड़, विश्वनाथ प्रसाद, वीना चंद्रा, प्रमिला कपूर, सुजाता मजूमदार, मधुरेश चंद्रा, राकेश रमण, गार्गी शोम तथा आर.एन. सिंह सहित अनेक कला-प्रेमी उपस्थित रहे।
अंत में सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं और सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ समारोह सम्पन्न हुआ।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
