होलिका दहन अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक: बजरंगी महतो
हिरण्यकशिपु और भक्त प्रह्लाद की कथा का उल्लेख
साहिबगंज में हिंदू धर्म रक्षा मंच के प्रदेश महासचिव बजरंगी महतो ने होलिका दहन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।
साहिबगंज : हिंदू धर्म रक्षा मंच के झारखंड प्रदेश महासचिव बजरंगी महतो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि होलिका दहन भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। यह अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। इस दिन विधि-विधान से होलिका दहन किया जाता है और भक्तजन अपने जीवन से नकारात्मकता, पाप और अहंकार को दूर करने का संकल्प लेते हैं।
उन्होंने होलिका दहन की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि हिरण्यकशिपु नामक अत्याचारी असुरराज ने स्वयं को भगवान घोषित कर दिया था। उसका पुत्र भक्त प्रह्लाद भगवान श्रीहरि विष्णु का परम भक्त था। यह बात हिरण्यकशिपु को स्वीकार नहीं थी। उसने कई बार प्रह्लाद को मृत्यु के मुख में धकेलने का प्रयास किया, किंतु हर बार भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे।

