Ranchi News : विवेकानंद यूथक्वेक फाउंडेशन द्वारा स्वदेशी विषय पर राज्य स्तरीय ऑनलाइन भाषण प्रतियोगिता संपन्न
झारखंड के विभिन्न जिलों से युवाओं की सहभागिता
विवेकानंद यूथक्वेक फाउंडेशन द्वारा “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी में युवाओं की भूमिका” विषय पर राज्य स्तरीय ऑनलाइन भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। झारखंड के विभिन्न जिलों से युवाओं ने भाग लेकर आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अभियान पर प्रभावशाली विचार रखे।
रांची : विवेकानंद यूथक्वेक फाउंडेशन द्वारा “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी में युवाओं की भूमिका” विषय पर राज्य स्तरीय ऑनलाइन भाषण प्रतियोगिता का आयोजन डॉ. गौरव अग्रवाल के नेतृत्व में किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ललिता कुमारी (राज्य निदेशक, मेरा युवा भारत) ने अपने संबोधन में कहा कि स्वदेशी विचारधारा राष्ट्र की आर्थिक मजबूती और सांस्कृतिक आत्मगौरव से जुड़ी हुई है। उन्होंने युवाओं से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने तथा स्वदेशी अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
प्रतियोगिता के आयोजक डॉ. गौरव अग्रवाल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रहित, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने विषय की गहराई को समझते हुए तार्किक और प्रेरक प्रस्तुतियां दीं। साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि युवा जागृत होकर अपनी पूरी शक्ति लगाएंगे तो विकसित भारत का सपना 2047 से पहले भी पूरा किया जा सकता है।
परिणाम इस प्रकार रहे
प्रथम स्थान:
रौनक मिश्रा (गिरिडीह)
द्वितीय स्थान:
तनु कुमारी (धनबाद)
प्रेरणा कुमारी (गिरिडीह)
आइसा फातिमा (रांची)
तृतीय स्थान:
राजनंदनी (चतरा)
चतुर्थ स्थान:
मिलन (दुमका)
रिकी (चतरा)
रश्मि (गढ़वा)
निर्णायकों द्वारा प्रतिभागियों का मूल्यांकन विषयवस्तु, प्रस्तुति कौशल, तर्कशक्ति और प्रभावशीलता के आधार पर किया गया। आयोजन समिति ने सभी विजेताओं को बधाई दी तथा भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक एवं जागरूकता आधारित प्रतियोगिताओं के आयोजन की घोषणा की।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आसिफ, विश्वजीत, नीतीश पाठक एवं अन्य युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
