आलिन शेरिन अब्राहम: 10 महीने की सबसे छोटी अंगदाता, 4 बच्चों को जीवनदान देकर राजकीय सम्मान के साथ विदा
नई दिल्ली: केरल की सबसे छोटी अंग दाता 10 महीने की आलिन शेरिन अब्राहम को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पथानामथिट्टा जिले के नेदुंगदप्पल्ली सेंट थॉमस सीएसआई चर्च में उनका अंतिम संस्कार हुआ, जहां हजारों लोग उमड़ पड़े।
5 फरवरी को कोट्टायम के पास सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुईं आलिन को ब्रेन डेड घोषित करने के बाद उनके माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन ने साहसी फैसला लिया। उन्होंने बच्ची के लीवर, दोनों किडनी, कॉर्निया और हार्ट वॉल्व को दान कर दिया, जिससे चार बच्चों को नया जीवन मिला। इस फैसले ने पूरे परिवार को तोड़ दिया, लेकिन दूसरों के लिए उम्मीद की किरण बन गया।

राज्यमंत्री वीणा जॉर्ज, वीएन वासवान, सांसद सुरेश गोपी समेत कई नेता घर पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। दोपहर करीब 3 बजे शव को चर्च ले जाया गया, जहां जनसैलाब उमड़ पड़ा। आलिन के दादा रेजी सैमुअल ने भावुक संदेश पढ़ा, जिसमें कहा कि 20 महीने की जिंदगी में आलिन ने अपना कर्तव्य निभा दिया। उन्होंने बताया कि बेटे के अंग दान के फैसले पर सहमत हुए, क्योंकि इससे चार बच्चे जीवित हैं।
आलिन की एक किडनी श्रेया नाम की बच्ची को ट्रांसप्लांट हुई। श्रेया के दादा चंद्रन भी शोकसभा में पहुंचे और आलिन को 'देवदूत' कहकर याद किया। उन्होंने कहा कि सर्जरी के बाद उनकी पोती स्वस्थ हो रही है और आलिन के परिवार के दर्द को महसूस करते हुए वे उनके साथ खड़े हैं।
यह घटना केरल में अंग दान की महत्ता को फिर से रेखांकित करती है। आलिन जैसी मासूम ने अपनी छोटी सी जिंदगी से बड़ा संदेश दिया कि दान से दुख आशा में बदल सकता है।
