आलिन शेरिन अब्राहम: 10 महीने की सबसे छोटी अंगदाता, 4 बच्चों को जीवनदान देकर राजकीय सम्मान के साथ विदा
नई दिल्ली: केरल की सबसे छोटी अंग दाता 10 महीने की आलिन शेरिन अब्राहम को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पथानामथिट्टा जिले के नेदुंगदप्पल्ली सेंट थॉमस सीएसआई चर्च में उनका अंतिम संस्कार हुआ, जहां हजारों लोग उमड़ पड़े।

अंतिम संस्कार से पहले सुबह वालुमन्निल हाउस में बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। चमेली के फूलों से सजा ताबूत देखकर हर आंख नम हो गई। माता-पिता भावुक नजर आए, जबकि समाज के हर वर्ग के लोग शोकसभा में शामिल हुए।
राज्यमंत्री वीणा जॉर्ज, वीएन वासवान, सांसद सुरेश गोपी समेत कई नेता घर पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। दोपहर करीब 3 बजे शव को चर्च ले जाया गया, जहां जनसैलाब उमड़ पड़ा। आलिन के दादा रेजी सैमुअल ने भावुक संदेश पढ़ा, जिसमें कहा कि 20 महीने की जिंदगी में आलिन ने अपना कर्तव्य निभा दिया। उन्होंने बताया कि बेटे के अंग दान के फैसले पर सहमत हुए, क्योंकि इससे चार बच्चे जीवित हैं।
आलिन की एक किडनी श्रेया नाम की बच्ची को ट्रांसप्लांट हुई। श्रेया के दादा चंद्रन भी शोकसभा में पहुंचे और आलिन को 'देवदूत' कहकर याद किया। उन्होंने कहा कि सर्जरी के बाद उनकी पोती स्वस्थ हो रही है और आलिन के परिवार के दर्द को महसूस करते हुए वे उनके साथ खड़े हैं।
यह घटना केरल में अंग दान की महत्ता को फिर से रेखांकित करती है। आलिन जैसी मासूम ने अपनी छोटी सी जिंदगी से बड़ा संदेश दिया कि दान से दुख आशा में बदल सकता है।
सुजीत सिन्हा, 'समृद्ध झारखंड' की संपादकीय टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं, जहाँ वे "सीनियर टेक्निकल एडिटर" और "न्यूज़ सब-एडिटर" के रूप में कार्यरत हैं। सुजीत झारखण्ड के गिरिडीह के रहने वालें हैं।
'समृद्ध झारखंड' के लिए वे मुख्य रूप से राजनीतिक और वैज्ञानिक हलचलों पर अपनी पैनी नजर रखते हैं और इन विषयों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं।
