सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 छंद अनिवार्य, गृह मंत्रालय का नया आदेश
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने वंदे मातरम को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने सरकारी आयोजनों में राष्ट्रगान के पूरे छह छंदों को अनिवार्य कर दिया है, जो ठीक 3 मिनट 10 सेकंड का समय लेता है। यह निर्देश राष्ट्रपति के आगमन-प्रस्थान, तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति भवनों में सभाओं, पद्म पुरस्कार समारोहों और राष्ट्रीय उद्बोधनों से पहले-बाद में लागू होगा।

नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, जब वंदे मातरम और राष्ट्रगान 'जय गान मन' दोनों बजाए जाएं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। मृदंगम की आवाज राष्ट्रगान से पहले गूंजेगी। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि दिन की शुरुआत राष्ट्रगान से हो। यह बदलाव देशभर के सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एकरूपता लाने के लिए है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस राष्ट्रगीत को अब उसका पूरा सम्मान मिलेगा।
राजनीतिक हलकों में इस निर्देश को लेकर चर्चा तेज हो गई है। संसद सत्र के बीच आया यह फैसला कुछ विपक्षी दलों के निशाने पर आ सकता है, खासकर बंगाल चुनावों के नजदीक। बीजेपी इसे मोदी सरकार का स्वागतयोग्य कदम बता रही है, जो राष्ट्रगान को उसके मूल रूप में स्थापित कर रहा है। आलोचक इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास मान रहे हैं, लेकिन गृह मंत्रालय का कहना है कि यह शुद्ध सांस्कृतिक एकता का प्रयास है।
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