राजपाल यादव चेक बाउंस केस: तिहाड़ जेल में सरेंडर से पहले भावुक बयान, 'पैसे नहीं हैं, अकेले लड़ूंगा'
समृद्ध डेस्क: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों मुश्किलों के दौर से गुजर रहे हैं। चेक बाउंस के एक लंबे चले आ रहे मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद उन्होंने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने से ठीक पहले मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में वे बेहद भावुक नजर आए, जहां उन्होंने अपनी मजबूरी बयां की।

यह मामला 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म 'अता पाता लापता' के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और लोन चुकाने में देरी होने लगी। पैसे लौटाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद कंपनी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत राजपाल की कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया।
निचली अदालत ने राजपाल को दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई। हाई कोर्ट ने पहले सजा पर रोक लगाई, लेकिन शर्त रखी कि वे कंपनी को पैसे चुकाएं। कुल 7 चेक बाउंस केस चल रहे हैं, जिनमें करीब 9 करोड़ रुपये बकाया हैं। राजपाल ने कई बार कोर्ट में भुगतान का वादा किया, लेकिन समय पर पैसे नहीं दिए। जनवरी 2026 में अंतिम मौका मिला, फिर भी भुगतान न होने पर 2 फरवरी को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सरेंडर का आदेश दिया।
सरेंडर से पहले राजपाल के वकील ने कोर्ट में 50 लाख रुपये का भुगतान कर एक हफ्ते का और समय मांगा, लेकिन जस्टिस शर्मा ने साफ कहा कि बार-बार वादे तोड़ना गंभीर अपराध है। 4 फरवरी तक सरेंडर न करने पर आखिरी दया याचिका भी खारिज हो गई। दोपहर करीब 4 बजे वे जेल सुपरिंटेंडेंट के सामने हाजिर हुए। कोर्ट ने पहले जमा राशि शिकायतकर्ता को जारी करने का भी आदेश दिया।
सरेंडर के बाद भी खबरें आ रही हैं कि तेज प्रताप यादव ने राजपाल की आर्थिक मदद के लिए 11 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की है। यह पुराना विवाद अब राजपाल के करियर पर भारी पड़ रहा है, लेकिन उनके फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही कोई हल निकलेगा।
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