पलामू ने खोया एक अध्यात्मप्रिय समाजसेवी, अजय मिश्रा का निधन
अध्यात्म और सेवा से जुड़ा था उनका जीवन
अध्यात्म, सेवा और सामाजिक एकता के लिए पहचाने जाने वाले अजय मिश्रा के निधन पर पलामू में शोक की लहर है। इप्टा सहित कई लोगों ने उन्हें भाईचारे का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
पलामू: बहुआयामी प्रतिभा के धनी अजय मिश्रा धार्मिक कर्मकांडों से अधिक आध्यात्मिक चेतना के व्यक्ति थे। उनकी जीवन-शैली समाज को एक नई दिशा देने वाली रही। अध्यात्म उनके जीवन का मूल आधार था—कहना उचित होगा कि उनका संपूर्ण जीवन ही अध्यात्म की एक सजीव परिभाषा था।

उनके व्यक्तित्व में संस्कृत के विद्वान व्याख्याता, एक सेवाभावी चिकित्सक और मां मंगला देवी के अनन्य भक्त—तीनों रूप समाहित थे। जिस तनमयता से वे मां मंगला देवी की भक्ति करते थे, उसी समर्पण के साथ अपने घर पर रहकर रोगियों की निस्वार्थ चिकित्सा भी करते थे। अजय मिश्रा का व्यक्तित्व अनुपम था और उनके प्रियजनों की संख्या अनगिनत।
जो भी उनसे मिला, वह किसी न किसी रूप में उनका ऋणी हो गया। वे बहुत कम बोलते थे, लेकिन मौन में ही जीवन का गहन और महत्वपूर्ण ज्ञान दे जाते थे। उनसे मिलने वाला प्रत्येक व्यक्ति मां मंगला देवी के आशीर्वाद के साथ लौटता था।
इप्टा पलामू उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए समाज की एकता और आपसी भाईचारा के लिए क्षति बताया है। साथ ही इप्टा उनके प्रति गहरा दुख व्यक्त करते हुए इस दुखद घड़ी में उनके परिवार के साथ एकजुटता जाहिर करता है। शोक संवेदना प्रकट करने वालों में प्रेम भसीन, सुरेश सिंह, नंदलाल सिंह, केडी सिंह, शैलेंद्र कुमार, उपेंद्र कुमार मिश्रा, रवि शंकर, संजीव कुमार संजू, अजीत कुमार, राजीव रंजन, संजीत दुबे सहित अन्य इप्टाकर्मी शामिल थे।
