Epstein Island Secrets: आर्किटेक्ट का सनसनीखेज दावा, ‘कमरों में लड़कियों के लिए बंक बेड और कैद जैसा माहौल’

Epstein Island Secrets: आर्किटेक्ट का सनसनीखेज दावा, ‘कमरों में लड़कियों के लिए बंक बेड और कैद जैसा माहौल’
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क्राइम डेस्क: अमेरिकी कुख्यात कारोबारी और यौन शोषण के आरोपी जेफरी एपस्टीन के निजी द्वीप लिटिल सेंट जेम्स पर एक बार फिर चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। फ्रांस के मशहूर आर्किटेक्ट रॉबर्ट कूटूरियर ने कहा है कि उन्होंने कुछ समय के लिए इसी द्वीप पर काम किया था और वहां कई ऐसे संकेत दिखे, जिनसे साफ लगता था कि कुछ बहुत गलत चल रहा है। कूटूरियर के हवाले से यह भी कहा गया कि जो लोग भी इस द्वीप पर गए, उन्हें यह इंकार नहीं करना चाहिए कि वहां कुछ असामान्य चल रहा था।

आर्किटेक्ट ने बताया कि द्वीप पर बने कमरों में दो‑मंजिला बंक बेड लगे थे। जब उन्होंने एपस्टीन से पूछा कि ये किसके लिए हैं, तो जवाब आया कि ये “लड़कियों के लिए” हैं। इस जवाब के बाद कूटूरियर को लगा कि यहां कुछ गड़बड़ की बात है, क्योंकि महिलाओं के लिए ऐसे बेड रखना आम तौर पर असामान्य माना जाता है और इससे कई तरह के सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था और भाषा से यह संकेत मिलता था कि यह जगह सिर्फ शालीन आतिथ्य या सामान्य घर जैसी नहीं थी।

कमरों का अजीब और डरावना माहौल

कूटूरियर ने बताया कि लिटिल सेंट जेम्स द्वीप पर बने कई कमरे बेहद अजीब और रहस्यमय माहौल वाले थे। कमरों में भारी और गहरे रंग के परदे लगे रहते थे, खिड़कियां शायद ही कभी खोली जाती थीं और अंदर का माहौल बंद और दबा‑दबा सा लगता था। एक कमरे में कंप्यूटरों से भरी तकनीकी व्यवस्था थी। उन्होंने एपस्टीन से इस बारे में पूछा तो जवाब में कहा गया कि यह लड़कियों के मजे करने के लिए है। इतने अजीब–से जवाबों और वातावरण ने उन्हें यह महसूस कराया कि यह द्वीप एक आम प्राइवेट रिज़ॉर्ट या रिहायशी स्थान नहीं, बल्कि कुछ और ही था।

उनके हवाले से यह भी कहा गया है कि पूरे प्रॉपर्टी का माहौल डरावना और चिंता जगाने वाला था। अंधेरे रंग, खुली न होने वाली खिड़कियां और ऐसी बातें जो युवा लड़कियों को लेकर कही जा रही थीं, ये सब मिलकर एक ऐसा माहौल बना रहे थे, जिसमें अजीब और असहज महसूस करना लाज़मी था। इन्हीं बातों ने उन्हें यह महसूस कराया कि वहां कुछ गलत चल रहा है, हालांकि उस वक्त उनके पास इस बारे में कोई सबूत या आधिकारिक कार्रवाई का दायरा नहीं था।

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द्वीप पर युवा लड़कियों का “कैद” जैसा वातावरण

कूटूरियर का दावा है कि द्वीप पर मौजूद कई युवा लड़कियां और महिलाएं लगभग कैद जैसी स्थिति में रखी गई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि साल 2010 में उन्हें इस मामले को लेकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और पूरा मामला अधूरा रह गया। इस बात को लेकर आज भी यह तर्क दिया जाता है कि शुरुआती संकेतों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे बाद में बड़े पैमाने पर यौन शोषण और रैकेट संभव हो पाए।

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टीम में शामिल अन्य लोगों के हवाले से भी कई चौंकाने वाले दावे आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों ने कहा कि द्वीप पर कुछ कमरों में छोटी उम्र की लड़कियों की तस्वीरें लगी हुई थीं। इसके अलावा यह भी बताया गया है कि एपस्टीन अक्सर युवा लड़कियों को अपने कमरे में ले जाता था और उनकी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाती थी। एक कर्मचारी ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य प्रिंस एंड्रयू को भी एक युवा लड़की के साथ पूल में देखा था, जिससे इस मामले की गहराई और भी बढ़ गई।

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जारी हुई फाइलों में ताकतवर नाम

इसी साल 2026 की शुरुआत में ही लगभग 30 लाख से ज़्यादा एपस्टीन‑संबंधित फाइलें जारी की गईं, जिनमें कई ताकतवर हस्तियों के नाम शामिल मिले। इन दस्तावेज़ों में माइक्रोसॉफ्ट के सह‑संस्थापक बिल गेट्स, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और प्रिंस एंड्रयू जैसी शीर्ष व्यक्तियों के नाम दिखाई दिए। इन फाइलों में कुछ तस्वीरें भी शामिल थीं, जिनमें ये लोग युवा लड़कियों के साथ नजर आ रहे थे। यही बात इस केस को सिर्फ एक व्यक्तिगत अपराध से लेकर एक बड़े राजनीतिक‑सामाजिक घोटाले की श्रेणी में बढ़ा देती है।

इस पूरे मामले से यह स्पष्ट होता है कि जेफरी एपस्टीन के द्वीप पर जो चल रहा था, वह एक सामान्य प्राइवेट लाइफस्टाइल या शाही मनोरंजन से कहीं ज़्यादा गहरा और अवैध था। फ्रेंच आर्किटेक्ट रॉबर्ट कूटूरियर का खुलासा इस घटनाक्रम के रास्ते में आए और भी चौंकाने वाले हिस्से को उजागर करता है, जहां तकनीकी या वास्तुकला के काम के बहाने भी असहज वास्तविकता दिखाई दी। अब जनता की नज़र इन नई फाइलों, पुराने दावों और जांच पर है कि आगे कौन‑कौन से घालमेल और जिम्मेदारी सामने आती है।

Edited By: Samridh Desk
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