VB GRAM G विवाद: भाजपा का आरोप- तुष्टिकरण की राजनीति में झारखंड के विकास की बलि
जल जीवन मिशन की तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही योजनाएं: अजय साह
रांची में भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने झारखंड विधानसभा द्वारा VB GRAM G के खिलाफ पारित प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए इसे राम विरोधी और विकास विरोधी करार दिया है उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार कांग्रेस के दबाव में तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है और केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को रोककर संघीय ढांचे को चुनौती दे रही है अजय साह ने मनरेगा घोटालों और दागी अधिकारियों को फिर से पद देने के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा इस जनविरोधी निर्णय का सड़क से सदन तक मजबूती से विरोध जारी रखेगी।
रांची: विधानसभा द्वारा VB GRAM G के खिलाफ पारित प्रस्ताव और उसे केंद्र सरकार को भेजने के फैसले पर भाजपा ने कड़ा और स्पष्ट विरोध जताया है। पार्टी प्रवक्ता अजय साह ने इस पूरे कदम को न केवल जनविरोधी, बल्कि सीधे तौर पर “राम विरोधी और विकास विरोधी” बताया है। अजय साह ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार अब विकास की दिशा में काम करने के बजाय राजनीतिक पूर्वाग्रह और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझ चुकी है। जिस प्रस्ताव को कांग्रेस “ऐतिहासिक” बताने की कोशिश कर रही है, वह दरअसल झारखंड के विकास को पीछे धकेलने वाला और आम जनता के अधिकारों पर चोट करने वाला निर्णय है। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा कानून में सुधार कर तैयार किए गए नए प्रारूप का विरोध करना गांव, किसान और गरीब के खिलाफ खड़ा होना है। प्रस्ताव में 150 दिनों के रोजगार का जिक्र यह साबित करता है कि खुद कांग्रेस भी मानती है कि उसका पहले का 100 दिन का प्रावधान अपर्याप्त था।

तंज कसते हुए अजय साह ने कहा कि जिस तरह “प्रधानमंत्री” शब्द से जुड़ाव के कारण आयुष्मान भारत योजना से हेमंत सरकार को दिक्कत थी, अब उसी तरह “राम” शब्द से भी उन्हें परेशानी होने लगी है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जैसे जल जीवन मिशन के फंड के उपयोग में अनियमितताएं सामने आईं, वैसे ही VB GRAM G जैसी योजनाओं को भी राजनीतिक दुर्भावना और भ्रष्टाचार का शिकार बनाया जा रहा है। अंत में अजय साह ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस के दबाव में कठपुतली की तरह काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इस तरह के हर फैसले का मजबूती से विरोध जारी रखेगी।
