Sahebganj News : चैत में कुदरत का कहर, झमाझम बारिश से फसलें तबाह
किसानों की सालभर की मेहनत बर्बाद
साहिबगंज में चैत महीने की झमाझम बारिश और आंधी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। गेहूं, मक्का और दलहन की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। खेतों में पानी भरने से नुकसान बढ़ गया है और किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं।
साहिबगंज : चैत महीने में आजकल जहां खेतों में कटाई की रौनक होनी चाहिए थी, वहीं प्रखंड मुख्यालय और राजमहल अनुमंडल क्षेत्र में कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि किसानों की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो गई।

दोनों ही प्रखंड क्षेत्रों के गांव-गांव में किसानों के चेहरे पर गहरी चिंता और मायूसी साफ झलक रही है। सालभर की मेहनत और उम्मीदें इस बेमौसम बारिश ने छीन ली हैं। कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों के सामने अब गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, अब तक इस बारिश से लाखों रुपये की फसल बर्बाद हो चुकी है। अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ने की आशंका है।
पीड़ित किसानों ने प्रशासन से तुरंत फसल क्षति का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली, तो परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि चैत में इस तरह की बारिश असामान्य है और यह बदलते मौसम का संकेत है, जो आने वाले समय में खेती के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है। फिलहाल किसानों की हर नजर आसमान पर टिकी है, इस उम्मीद में कि बारिश थमे और तबाही का सिलसिला रुक सके।
