स्पीकर की कार्यशैली निष्पक्ष नहीं, लोकतंत्र पर चोट: कैलाश यादव
राष्ट्रपति अभिभाषण के दौरान विपक्ष को रोकने पर उठाए सवाल
कैलाश यादव ने बयान जारी कर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोकने को लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की।
रांची : बुधवार को झारखंड प्रदेश राजद प्रवक्ता एवं पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य कैलाश यादव ने प्रेस ब्यान जारी कर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी चुने गए हैं देश में लोकतांत्रिक प्रणाली का घोर उल्लंघन एवं असंवैधानिक कार्यों को बढ़ावा दिया है। ज्ञातव्य है BJP/RSS ने देश में कांग्रेस एवं विपक्ष मुक्त भारत बनाने का स्लोगन गढ़ते रहे थ , लेकिन देश की समझदार जनता ने इनके द्वारा विपक्ष मुक्त भारत बनाने के सपनों को खारिज कर दिया।

यादव ने कहा कि 2014- 19 एवं 2019 - 25 के मोदी कार्यकाल में कुछ सांसद कि संख्या कम होने लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का मान्यता नहीं मिल पाया हालांकि पहले ऐसा कभी नहीं होती थी, जनसंघ के सांसद सदस्य कम होने के बावजूद पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी ने नेता विरोधी दल के रूप में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई को दर्जा दिया था।
विदित है 2025 में तीसरी बार सत्तासीन हुई नरेंद्र मोदी एनडीए गठबंधन सरकार आए दिन तानाशाही पर उतरी हुई है, लोकतांत्रिक नैतिकता और संवैधानिक व्यवस्था को तार तार कर रहा है क्योंकि आज तक के सदस्यीय इतिहास में राष्ट्रपति अभिभाषण के दौरान नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष का सम्मान सर्वोच्च रहा है ! इनके बोलने के समय पर पाबंदियां नहीं होती है लेकिन इन दिनों केंद्र की मोदी सरकार हर मोर्चे पर फेल हैं इनके जुमलेबाजी सार्वजनिक तौर पर पकड़ी जा रही है इसलिए डरे सहमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का सामना करने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं और उनके बचाव में लोकसभा स्पीकर और मंत्रिमंडल समूह एक साथ सदन में खड़े होकर विपक्षी नेताओं को रोकने का काम कर रहे हैं।
देश में तानाशाही हिटलरशाही एवं अहंकारी शासन प्रशासन चल रहा है क्योंकि संसदीय व्यवस्था में संवैधानिक रूप से नेता सदन प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष शैडो प्रधानमंत्री होते हैं। यादव ने कहा है कि देश में कई बड़े जनांदोलकारी नेता हुए , जनसंघ, वामपंथी एवं समाजवादी जननायक हुए लेकिन बीजेपी की राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों को शर्मसार कर रही है एवं सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर विपक्षी राजनेताओं को परेशान कर रहा है ! राजद भाजपाई और तथाकथित सहयोगी से समाजवादी दलों को सत्ता के भूख में तलवे चाटने वाले नेताओं के घृणित व्यवहार पर चिंता जाहिर करता है।
