रांची की ‘यूनिवर्सल दीदी’ राधा दुर्लभ बॉम्बे ब्लड ग्रुप के मरीजों के लिए बनीं जीवनदाता
तीन दिनों में आए बॉम्बे ब्लड ग्रुप के गंभीर मामलों को किया हल
रांची की राधा दीदी, जिन्हें "यूनिवर्सल दीदी" कहा जाता है, दुनिया के सबसे दुर्लभ बॉम्बे ब्लड ग्रुप के मरीजों के लिए संजीवनी बन गई हैं। पेशे से डाइटिशियन राधा ने हाल ही में रिम्स अस्पताल में भर्ती तीन गंभीर मरीजों को अपने संपर्कों के माध्यम से दुर्लभ रक्त उपलब्ध कराया। झारखंड सरकार की 104 मेडिकल हेल्पलाइन से जुड़ी राधा दीदी का सेवा भाव न केवल झारखंड बल्कि अन्य राज्यों में भी लोगों की जान बचा रहा है।
रांची: राधा दीदी, जिन्हें लोग प्यार से “यूनिवर्सल दीदी” के नाम से जानते हैं, समाज सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी हैं। पेशे से डाइटिशियन राधा दीदी लंबे समय से लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वयं भी नियमित रूप से रक्तदान करती रही हैं। राधा दीदी की विशेष पहचान झारखंड में बॉम्बे ब्लड ग्रुप जैसे अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह के मरीजों की मदद करने को लेकर बनी है। हाल ही में रांची के रिम्स अस्पताल में लगातार तीन दिनों में आए बॉम्बे ब्लड ग्रुप के तीन गंभीर मामलों को भी उनके प्रयासों और संपर्कों के माध्यम से सफलतापूर्वक हल किया गया।

