श्रीलंका से तेहरान भेजे जाएंगे 84 ईरानी नाविकों के शव, अमेरिकी टॉरपीडो हमले से डूबा था IRIS Dena
नेशनल डेस्क: श्रीलंका ने अमेरिकी हमले में शहीद हुए 84 ईरानी नाविकों के शवों को ईरान वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कोलंबो में पहुंचा ईरान का विशेष विमान इन शवों को लेकर तेहरान रवाना होगा, जबकि बचाए गए नाविकों को फिलहाल सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है।
यह घटना 4 मार्च को घटी, जब IRIS डेना नामक ईरानी फ्रिगेट युद्धपोत पर श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से हमला बोला। जहाज डूब गया और श्रीलंकाई नौसेना ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 32 नाविकों को जिंदा बचा लिया, जबकि 84 नाविक मारे गए।

IRIS DENA (BBC)
श्रीलंका सरकार ने मानवीय आधार पर बचाए गए नाविकों को आश्रय प्रदान किया है। इनमें से 22 को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और वे वायुसेना अड्डे पर ठहरे हैं। कुल 251 ईरानी नाविकों को श्रीलंका में रखा गया है, जिसमें IRIS बुशेहर युद्धपोत के 219 सदस्य भी शामिल हैं, जिसे हमले के एक दिन बाद कोलंबो के जलक्षेत्र में प्रवेश की इजाजत दी गई।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता थुशारा रोड्रिगो ने बताया कि शवों को ईरानी दूतावास को सौंपा जा चुका है और चार्टर्ड विमान से इन्हें तेहरान ले जाया जाएगा। गाले की मुख्य मजिस्ट्रेट समीरा डोडंगोडा ने अदालत के आदेश से अस्पताल निदेशक को शव सौंपने का निर्देश दिया था। बुशेहर के चालक दल को वापस भेजने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
ईरानी युद्धपोत भारत के कोच्चि बंदरगाह में भी मौजूद है, जहां 183 सदस्यों वाले चालक दल को शरण मिली हुई है। IRIS डेना विशाखापत्तनम से नौसेना अभ्यास के बाद ईरान लौट रहा था। श्रीलंका ने शवों को सुरक्षित रखा था जब तक हालात अनुकूल न हों। यह घटना क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है।
