Aspirants Season 3 Review: DM अभिलाष vs संदीप भैया की टक्कर, सत्ता और अहंकार की नई कहानी
समृद्ध डेस्क: 'एस्पिरेंट्स सीजन 3' अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हो गई है, जिसमें अब UPSC की तैयारी से आगे बढ़कर प्रशासनिक दुनिया के सत्ता संघर्ष को दिखाया गया है। नवीन कस्तूरिया, सनी हिंदुजा और जतिन गोस्वामी जैसे सितारों वाली ये वेब सीरीज़ दर्शकों को पुराने दोस्तों की नई जंग दिखाती है, जहां महत्वाकांक्षाएं बदल जाती हैं।


संदीप भैया का किरदार, जो पहले असफल एस्पिरेंट्स की शांत ताकत का प्रतीक था, अब अभिलाष के खिलाफ द्वेष से भरा खलनायक सा लगता है – ये बदलाव नाटकीय है, लेकिन लंबी कहानी में किरदार विकास की मांग करता है। नया किरदार पवन कुमार हिंदी मीडियम vs इंग्लिश मीडियम की सिविल सर्विसेज तैयारी की सच्ची असमानता उजागर करता है, हालांकि कभी-कभी इसे ओवर-ड्रामा कर दिया गया है। डायरेक्टर दीपेश सुमित्रा जगदीश ने शो को राजनीतिक-प्रशासनिक मोड़ दिया है, जो दिलचस्प तो है पर रफ्तार थोड़ी धीमी कर देता है, और क्लिफहैंगर एंडिंग आगे के सीज़न्स का इशारा देती है।
परफॉर्मेंस इस सीज़न का हाईलाइट है। नवीन कस्तूरिया अभिलाष के DM अवतार और स्टूडेंट फेज दोनों में कमाल करते हैं, आत्मविश्वास और कमजोरियों का बैलेंस साधते हुए। सनी हिंदुजा संदीप के सख्त रूप में दमदार हैं, जतिन गोस्वामी पवन के मोनोलॉग से छाप छोड़ते हैं, जबकि शिवांकित सिंह परिहार का गुरी हाशिए पर रह गया, और SK तथा दीपा के रोल्स भावुक-हल्के मोमेंट्स देते हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक और 'लम्हा लम्हा' जैसे गाने इमोशन्स को गहरा बनाते हैं। कुल मिलाकर, ये सीज़न सफलता के बाद की रियलिटी दिखाता है, हालांकि पुराना इमोशनल चार्म थोड़ा फीका पड़ गया है।
