साहिबगंज में गैस की किल्लत, कोयले की अंगीठी ने फिर पकड़ी रफ्तार
स्टेशन चौक से साक्षरता मोड़ तक फूड कॉर्नर संचालकों की परेशानी
साहिबगंज में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से छोटे कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है। होटल, फास्ट फूड और चाय-नाश्ते की दुकानों पर अब गैस बर्नर की जगह कोयले की अंगीठी फिर से जलने लगी है।
साहिबगंज : प्रखंड मुख्यालय इन दिनों एक बार फिर से धुएं की चपेट में है। एलपीजी गैस की कीमतों में आई अप्रत्याशित उछाल और बाजार में मची भारी किल्लत ने छोटे दुकानदारों को कोयले की अंगीठी सुलगाने पर मजबूर कर दिया है। होटल और रेस्त्रां चलाने वाले कारोबारियों का कहना है कि महज 3-4 दिनों के भीतर छोटू सिलिंडर की रिफिलिंग दरें 100 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। वहीं, कामर्शियल सिलेंडर पर लगे पाबंदी के बाद 100 रुपये प्रतकिलो के भाव से मिलने वाला गैस अब 320 रुपये प्रतिकिलो के भाव पर मिल रहा है, वह भी सिर्फ पांच से दस किलो के सिलिंडर में ही।

वहीं, फास्ट फूड की दुकान चलाने वाले अमित गुप्ता ने बताया कि 19 किलो के कॉमर्शियल सिलिंडर तीन दिन पहले तक 97 रुपये प्रतकिलो के भाव पर मिल रहा था। आज बड़ी मुश्किल से पांच किलो का सिलिंडर मिला है जिसकी कीमत 310 रुपये प्रतिकिलो के भाव पर पड़ा है। ऐसे में दुकानदारी चलाना संभव नहीं।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
