झारखण्ड के लिए साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती, रांची में सबसे ज्यादा देखे गए ठगी के मामले
साइबर अपराधियों के पास से 29.15 लाख बरामद
राज्य में जामताड़ा और देवघर एवं बिहार का नवादा और नालंदा जिला साइबर अपराधियों का हब माना जाता हैं. इन चारों जिले के साइबर ठगों को संलिप्तता अधिकांशतः 10 लाख रुपये तक के साइबर ठगी में सामने आती है.
रांची: झारखण्ड के लिए साइबर ठग एक बड़ी समस्या बनती जा रही हैं, इस वर्ष के आकड़ें को अगर देखे तो रांची के लोग सबसे ज्यादा (200 लोग) ठगी के शिकार हुए हैं जबकि अन्य जिले में साइबर ठगी के मामले देखे गये हैं. इनमें बाद देवघर के 87, धनबाद के 57, जमशेदपुर के 56 और जामताड़ा के 42 लोगों साइबर ठगी का शिकार हुए हैं वहीं दैनिक जागरण में छपी रिपोर्ट के अनुसार साइबर ठगी के मामले में पुरे राज्य से 778 लोगों को गिरफ्तार किया जा चूका है इसमें सबसे ज्यादा साइबर अपराधी की गिरफ्तारी देवघर (503) और जामताड़ा (110) में हुई. साइबर अपराध के मामले में राज्यभर में 720 मामले दर्ज किये गये हैं जिनमें राज्य की थानों में 635 मामले एवं सीआइडी की साइबर थानों में 85 मामले दर्ज किये जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों के लोग शामिल हैं.
राज्य में जामताड़ा और देवघर एवं बिहार का नवादा और नालंदा जिला साइबर अपराधियों का हब माना जाता हैं. इन चारों जिले के साइबर ठगों को संलिप्तता अधिकांशतः 10 लाख रुपये तक के साइबर ठगी में सामने आती है. जबकि इन्वेस्टमेंट और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बड़ी ठगी भी होती है. इन साइबर अपराधियों की तार देश के दूसरे राज्यों एवं चाइना सिंडिकेट से भी जुड़े हुए हैं.

रिपोर्ट के अनुसार जिलेवार केस दर्ज एवं गिरफ्तार अपराधियों का ब्यौरा
| जिला | केस दर्ज | गिरफ़्तारी |
| रांची | 200 | 07 |
| कोडरमा | 30 | 27 |
| देवघर | 87 | 503 |
| हजारीबाग | 10 | 01 |
| धनबाद | 57 | 24 |
| चतरा | 08 | 02 |
| जमशेदपुर | 56 | 01 |
| लातेहार | 08 | 06 |
| जामताड़ा | 42 | 110 |
| पाकुड़ | 07 | 00 |
| गिरिडीह | 22 | 14 |
| सिमडेगा | 05 | 06 |
| पलामू | 21 | 00 |
| सरायकेला | 05 | 00 |
| गढ़वा | 20 | 04 |
| गुमला | 05 | 00 |
| दुमका | 17 | 32 |
| चाइबासा | 04 | 00 |
| गोड्डा | 15 | 02 |
| खूंटी | 04 | 01 |
| साहिबगंज | 14 | 00 |
| रामगढ़ | 03 | 00 |
| बोकारो | 10 | 00 |
| लोहरदगा | 01 | 01 |
