चैती छठ महापर्व नहाय-खाय से शुरू, 25 मार्च को उगते सूर्य को अर्घ्य
चार दिनों तक चलता है कठिन और पवित्र व्रत
रांची में चैती छठ नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है, जो 25 मार्च को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होगा।
रांची : लोक आस्था और सूर्य उपासना का महान पर्व चैती छठ रविवार को नहाय-खाय के साथ श्रद्धा और भक्ति के माहौल में शुरू हो गया। चार दिनों तक चलने वाला यह कठिन व्रत प्रकृति, शुद्धता और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है, जिसमें व्रती कठोर नियमों का पालन करते हुए भगवान भास्कर की आराधना करते हैं।
यह महापर्व 25 मार्च को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होगा। परंपरा के अनुसार पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अर्घ्य और अंतिम दिन उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।
पुरोहित मनोज पांडेय के अनुसार, इस वर्ष छठ पर्व पर विशेष शुभ योग का संयोग बन रहा है। नहाय-खाय के दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है, जबकि खरना के दिन देवी स्कंद माता की आराधना होती है। संध्या अर्घ्य के दिन माता कात्यायनी और प्रातः अर्घ्य के समय माता कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व है। चैत्र नवरात्र के साथ पड़ने के कारण व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को छठी मैया के साथ इन देवियों का भी विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
छठ महापर्व का कार्यक्रम
23 मार्च: खरना (रात 8:42 बजे तक)24 मार्च: संध्या अर्घ्य (सूर्यास्त लगभग 6:00 बजे)25 मार्च: प्रातः अर्घ्य (सूर्योदय सुबह 5:49 बजे) धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से बल, आरोग्य, समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति होती है।

Related Posts
Thank you for voting! Results will be shown after the poll ends.
Thank you for voting! Results will be shown after the poll ends.
Latest News
आज का AQI
PM2.5 -- µg/m³
Loading...Ranchi, Jharkhand
Last updated: Just now
