गिरिडीह में चौंकाने वाला खुलासा: पति के जीवित रहते महिलाएं ले रही हैं विधवा पेंशन
मोतीलेदा पंचायत में सामने आया पेंशन घोटाला, मृतकों को भी मिल रहा है लाभ
बेंगाबाद प्रखंड की मोतीलेदा पंचायत में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कई महिलाएं अपने पति के जीवित रहते हुए भी विधवा पेंशन का लाभ उठा रही हैं इस मामले में प्रशासन की प्रतिक्रिया में पंचायत सचिव सीमा कुमारी ने बताया कि उन्होंने दिवंगत और जीवित लाभार्थियों की रिपोर्ट कंप्यूटर ऑपरेटर को सौंपी थी
गिरिडीह: बेंगाबाद प्रखंड की मोतीलेदा पंचायत में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कई महिलाएं अपने पति के जीवित रहते हुए भी विधवा पेंशन का लाभ उठा रही हैं। इसके अलावा, सामाजिक अंकेक्षण (social audit) में यह भी पता चला है कि कई मृत लोगों को अभी भी पेंशन मिल रही है, और कुछ लोगों ने अपनी उम्र गलत बताकर समय से पहले ही वृद्धा पेंशन लेना शुरू कर दिया है।
मांग में सिंदूर, सरकारी दस्तावेज में विधवा
पति के जीवित रहते विधवा: मोतीलेदा पंचायत की सकुना देवी, जीतनी देवी और सुमित्रा देवी जैसी कई महिलाएं सिंदूर लगाती है सिंदूर लगाना भी लाजिमी है, क्योंकि उनके पति जीवित जो हैं, लेकिन सरकार के रिकॉर्ड में ये सभी कई वर्ष पहले ही विधवा हो चुकी हैं, जिनके पति जीवित हैं फिर भी वर्षों से नियमित रूप से विधवा पेंशन ले रही हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया
यह पूरा मामला पिछले महीने पायलट प्रोजेक्ट के तहत हुए सामाजिक अंकेक्षण के दौरान सामने आया। पंचायत सचिव सीमा कुमारी ने बताया कि उन्होंने दिवंगत और जीवित लाभार्थियों की रिपोर्ट कंप्यूटर ऑपरेटर को सौंपी थी। वहीं, बेंगाबाद के बीडीओ सुनील मुर्मू ने इस बात से अनभिज्ञता जताई कि मृतकों और जीवित महिलाओं को पेंशन मिल रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
इस घटना ने पंचायत स्तरीय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन समय-समय पर उन्हीं के द्वारा किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, एक गिरोह मृतकों के नाम पर गलत एंट्री करके पैसों की निकासी कर रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि पूरे जिले में इसकी गहन जांच की जाए, तो ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं।
