Bokaro News: सर्किट हाउस के संचालक नियम और शर्तों की उड़ा रहा धज्जियां
15 कर्मियों की नियुक्ति और पीएफ-ईएसआई में धांधली
बोकारो सर्किट हाउस के संचालन का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी 'एम्पायर इंटरप्राइजेज' पर टेंडर की शर्तों के उल्लंघन और भारी वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं। एजेंसी द्वारा न तो निर्धारित 15 कर्मियों को पीएफ-ईएसआई की सुविधा दी जा रही है और न ही वेतन का भुगतान बैंक खातों के जरिए किया जा रहा है। यहाँ तक कि जनरेटर के डीजल का खर्च भी नियमों के विरुद्ध सरकारी खजाने से वसूला जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने अपर समाहर्ता (एसी) को जांच सौंपते हुए जल्द रिपोर्ट तलब की है।
बोकारो: सर्किट हाउस के संचालन में काफी अनियमितता बरती जा रही है ।संचालन करने वाले एम्पायर इंटरप्राइजेज ने टेंडर की नियम शर्तों का धज्जियां उड़ा रहा है। उसके बाद भी नजारत से बिना बिल की जांच किए भुगतान किया जा रहा है। यह एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि एजेंसी पिछले डेढ़ वर्ष से काम कर रहा है। लेकिन किसी ने नहीं देखा कि नियम शर्तों का धज्जियां उड़ाया जा रहा है। बताते चले कि तत्कालीन उपायुक्त विजया जाधव ने गिरिडीह के अपने करीबी एम्पायर इंटरप्राइजेज के अहमद राजा को बोकारो सर्किट हाउस का संचालन का जिम्मा 16 अक्टूबर 2024 को निकाले गए टेंडर के माध्यम से दिया। यह एग्रीमेंट दो वर्ष के लिए दिया गया है।

खैर इस मामले की जानकारी मिलने के बाद बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच बोकारो के अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी को दिया है उपायुक्त ने जांच रिपोर्ट अतिशीघ्र समर्पित करने का निर्देश दिया है। अहमद राजा की मनमानी इतना चरम सीमा पर है कि वे पुराने कर्मी जो करीब 8-10 वर्षों से सर्किट हाउस में कर्मी के रूप में अपना सेवा दे रहे थे, उसको निकाल दिया, कारण उक्त कर्मी ने खाने पीने की चीजों की अत्यधिक मूल्यवृद्धि का विरोध किया था। जिसका लिखित शिकायत 5 दिसंबर 2024 को ज्ञापन संख्या Tpcc/78/24 है।
