आम बजट 2026: शराब-बीड़ी सस्ती, छोटे करदाताओं को बड़ी राहत
कैंसर व दुर्लभ बीमारियों की दवाएं होंगी सस्ती
आम बजट 2026 में सरकार ने कर व्यवस्था को सरल बनाने और आम जनता को राहत देने के कई फैसले लिए हैं। शराब, बीड़ी, दवाएं और सीएनजी सस्ती करने के साथ छोटे करदाताओं के लिए स्वचालित टैक्स प्रक्रिया लागू की जाएगी।
नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह मौजूदा वित्त वर्ष में 4.8 प्रतिशत रहा है, जिसे संशोधित अनुमान के अनुसार हासिल किया गया।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि शराब और बीड़ी सस्ती होंगी। इसके अलावा जूते, कपड़ा निर्यात और बैटरी भी सस्ती होंगी। कैंसर से जुड़ी 17 दवाएं सस्ती होंगी, वहीं सात दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी सस्ती होंगी। दवाओं और चिकित्सीय उपकरणों पर सीमा शुल्क घटाने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा सीएनजी और बायोगैस को भी सस्ता करने की घोषणा की गई है, जिससे सीएनजी से चलने वाले वाहनों के मालिकों को राहत मिलेगी।

सीतारमण ने विदेशियों को राहत देते हुए कहा कि भारत में पाँच साल तक रहने वाले विदेशी नागरिकों को उनकी गैर-भारत आय पर कर से छूट मिलेगी। साथ ही, भारत में डेटा सेंटरों का उपयोग करने वाली विदेशी क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स अवकाश दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि छोटे करदाताओं के लिए नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके जरिए कम या शून्य टीडीएस कटौती प्रमाणपत्र बिना असेसिंग अधिकारी को आवेदन दिए प्राप्त किया जा सकेगा। जिन निवेशकों के पास कई कंपनियों की प्रतिभूतियाँ हैं, उनके लिए डिपॉजिटरी को अनुमति दी जाएगी कि वे निवेशकों से फॉर्म 15G या 15H स्वीकार कर सीधे संबंधित कंपनियों को भेज सकें।
वित्त मंत्री ने बताया कि संपत्ति बेचने वाले अनिवासी भारतीयों पर टीडीएस नियम भी बदले गए हैं। अब कटौती निवासी खरीदार करेगा और इसके लिए टैक्स अकाउंट नंबर की आवश्यकता नहीं होगी।
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