चीरुवां शरीफ में उर्स का भव्य आयोजन, दूसरे दिन जलसा संपन्न
देशभर से आए जायरीनों ने मजार पर चादरपोशी कर मांगी दुआ
गिरिडीह जिले के सरिया प्रखंड स्थित चीरुवां शरीफ में तीन दिवसीय उर्स के दूसरे दिन भव्य जलसा का आयोजन किया गया, जहां देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों जायरीन ने बाबा गौस अली शाह की मजार पर हाजिरी देकर अमन-चैन की दुआ मांगी।
गिरिडीह : जिले का सरिया प्रखंड के दिल में बसा चिरुवाँ शरीफ एक बार फिर आस्था और मुहब्बत का केंद्र बन चुका है। जहां प्रत्येक वर्ष की तरह बीते गुरुवार को तीन दिवसीय मेले का आरंभ गुसूल के साथ किया गया. जहां देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की तादाद में मेले का आनंद लेने जायरीन पहुंचते हैं। बताते चलें कि चीरुवां शरीफ में सूफी संत हजरत सैयद गौस अली शाह रहमतुल्लाह अलैह का प्रसिद्ध मजार शरीफ है. जहां प्रतिवर्ष तीन दिवसीय उर्स का आयोजन होता है।

आपसी सहयोग से उस मजार का जीर्णोद्धार कार्य जारी है। 1972 में दीन की तबलीग के लिए यहां तशरीफ लाने वाले और 1981 में परदे में जाने वाले इस महान सूफी संत के लाखों आशिकों का यह सबसे बड़ा आस्था का केंद्र अब नई चमक-दमक के साथ लौट रहा है। पुरानी जर्जर मजार को शहीद कर नई भव्य इमारत का निर्माण अनुयायियों के आपसी सहयोग, खुली दिली दान और समाजसेवियों जैसे नेक लोगों की मेहनत से तेजी से आगे बढ़ रहा है। हर ईंट में आस्था की महक और हर पत्थर में हुजूर की यादें बसी हैं। इस बार उर्स का मेला तो जैसे दोहरी रौनक लेकर आया है।
29 जनवरी को उर्स का पहला दिन गुस्ल-ए-शरीफ के साथ शुरू हुआ। जबकि दूसरे दिन जुम्मे के रोज देर शाम जलसे की महफिल का आयोजन किया गया है. तीसरे दिन भव्य कव्वाली का शानदार मुकाबला होने जा रहा है.जहां गुलाम हबीब पेंटर और अजहर सबरी जैसे मशहूर कव्वाल अपनी आवाज से हुजूर की बारगाह को महका देंगे.मेले की चमक-दमक देखते ही बनती है।
हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतिक इस मेले में दोनों समुदाय के लोग आनंदित हैं. मेले का आनंद लेते हुए जमकर खरीदारी की जा रही है.विशाल झूले आसमान छूते नजर आ रहे हैं । मौत का कुआं रोमांच से भर दे रहा है। जादू-टोना के खेल बच्चों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं । देश-विदेश की मशहूर मिठाइयाँ, लखनऊ की लजीज हलवा-पराठा की दुकानें, रंग-बिरंगे खिलौनों की चमचमाती दुकानें हर तरफ बस खुशबू और रौनक बिखरी है.रेलवे ने भी आस्थावानों का पूरा खयाल रखा है.चिचाकी रेलवे स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का कई सप्ताहों तक ठहराव किया गया है।
जिससे कि दूर-दराज से आने वाले जायरीन को किसी तरह की परेशानी न हो.बाबा गौस अली शाह के दीवानों का कहना है – “इस बार मजार भी नई होगी, उर्स की रौनक भी दोगुनी हुई है। हुजूर की बारगाह में हाजिरी देने का सौभाग्य फिर मिल रहा है । चिरुवाँ शरीफ एक बार फिर आस्था, मुहब्बत और दिव्य रौनक का गवाह बनेगा। जहां हर दिल हुजूर के इश्क में डूबा नजर आ रहा है। मेले के पुख्ता इंतजाम का जिम्मा गौसिया जनरल कमेटी कर रही है.जिसमें सदर गयासुद्दीन अंसारी, सेक्रेटरी असलम अली, नायब सदर लाल मोहम्मद, खजांची अजीज अंसारी, सेक्रेटरी गुलाम ख्वाजा, सरपरस्त रफीक अंसारी तथा जहीरूद्दीन अली, इमाम अंसारी, सुलेमान अंसारी, शमशेर बाबर, अहमद रजा, जुलकर्नेन अंसारी, जुनैद अंसारी ,मुमताज अंसारी, खादिम ताहा, अख्तर अंसारी आदि का भरपूर सहयोग मिल रहा है।
