Aurangabad horror: चाचा ने कटर मशीन से तीन मासूमों का गला रेता, फिर खुद भी की आत्महत्या की कोशिश
दरवाजा देर से खुला, और खत्म हो गई तीन जिंदगियां! औरंगाबाद में सनसनी
घर के अंदर सब कुछ सामान्य दिख रहा था. बाहर से दरवाजा बंद था, और अंदर सन्नाटा इतना गहरा कि किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ मिनट पहले यहां क्या हुआ है. अचानक जब दरवाजा तोड़ा गया, तो सामने जो दृश्य था, उसने पूरे गांव को हिला दिया. एक ही कमरे में तीन मासूम बच्चे खून से लथपथ पड़े थे, और पास ही उनका अपना चाचा घायल हालत में पड़ा था.
पटना: बिहार के औरंगाबाद जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि बच्चों के चाचा ने कटर मशीन से एक-एक कर उनका गला रेत दिया और बाद में खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

मृत बच्चों की पहचान अनीष कुमार (10 वर्ष), आयुष कुमार (7 वर्ष) और अनुष्का कुमारी (5 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों बच्चे एक ही परिवार के थे और उनके पिता गुड्डू पाल ट्रेन की पैंट्री कार में काम करते हैं। घटना के समय पिता घर पर नहीं थे और मां घर के अंदर ही मौजूद थीं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी अमंत पाल सुबह घर आया और दरवाजा खटखटाया। उस समय बच्चों की मां नहा रही थीं, इसलिए दरवाजा खुलने में थोड़ी देर हो गई। इसी बात से गुस्साए आरोपी ने अंदर घुसते ही तेज आवाज में संगीत चला दिया और बच्चों पर हमला कर दिया, ताकि उनकी चीख-पुकार बाहर तक न सुनाई दे।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद पर भी हमला किया और अपना गला काटने की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना के पीछे की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है। फिलहाल पारिवारिक विवाद और मानसिक स्थिति को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। तीन मासूम बच्चों की एक साथ हत्या से लोग स्तब्ध हैं और गांव में मातम का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी हुई है।
समृद्ध डेस्क (Samridh Desk), समृद्ध झारखंड का आधिकारिक संपादकीय विभाग है — जो निष्पक्ष, पारदर्शी और सामाजिक जागरूक पत्रकारिता के लिए समर्पित है। हम अनुभवी संपादकों, रिपोर्टरों, डिजिटल संवाददाताओं और कंटेंट राइटर्स की टीम हैं, जो सत्य और जिम्मेदारी की भावना से समाज के मुद्दों को सामने लाने का कार्य करती है।
समृद्ध डेस्क के नाम से प्रकाशित हर लेख हमारी निष्ठा, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है।
हम हर खबर को तथ्यों, निष्पक्षता और जनहित के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं — ताकि पाठकों को केवल सूचना नहीं, बल्कि सच्चाई का पूरा चित्र मिले।
