उदित नारायण पर FIR दर्ज, पहली पत्नी के गर्भाशय ऑपरेशन को लेकर मानसिक प्रताड़ना के लगे आरोप
नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज गायक उदित नारायण के खिलाफ सुर्खियां एक बार फिर से मुड़ गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी पहली पत्नी रंजना नारायण (रंजना झा) ने उनके खिलाफ पटना के एक पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है। इस आरोप में न सिर्फ उदित नारायण, बल्कि उनके दोनों भाइयों संजय कुमार सिंह और विजय कुमार सिंह का भी नाम शामिल बताया जा रहा है।

विवाद की पुरानी पृष्ठभूमि और पहले केस
उदित नारायण को लेकर यह पहला कानूनी विवाद नहीं है। वर्ष 2006 में रंजना ने सार्वजनिक रूप से खुद को उनकी “पहली पत्नी” घोषित किया था, जब एक पटना के कार्यक्रम के दौरान उन पर इस तथ्य ने भारी हंगामा मचा दिया। शुरुआत में उदित ने इस दावे को नकार दिया, लेकिन बाद में उन्होंने रंजना को पहली शादी का हवाला देते हुए उन्हें मासिक मेंटेनेंस और कुछ संपत्ति देने का वादा किया।
बाद में बिहार महिला आयोग में भी रंजना की तरफ से शिकायत दर्ज हुई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उदित ने उन्हें पूरा मेन्टेनेंस और संपत्ति वैसे तरीके से नहीं दिए जैसा वादा था। सोर्स के हिसाब से, पहले 15 हज़ार रुपये मासिक मेन्टेनेंस, बाद में 25 हज़ार रुपये में बढ़ गया, साथ ही कुछ कृषि ज़मीन, एक करोड़ की कीमत का मकान और 25 लाख रुपये की जेवरात और ज़मीन भी मिली, लेकिन रंजना का तर्क रहा कि बाक़ी क्लेम फिलहाल अधूरे हैं।
नई FIR और “मानसिक प्रताड़ना” के गहरे आरोप
नवभारत टाइम्स की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, नई FIR का दायरा बिहार वीरेंद्र कुमार सिंह–चन्द्रधर सिंह चौक पुलिस स्टेशन में किया गया है। यहाँ रंजना की तरफ से धारा 420 (ठगी), 406 (विश्वासघात), 504 (जानबूझकर अपमानने वाला वकया) और 506 (आपराधिक धमकी) जैसी कई प्रासंगिक धाराएं जोड़ी गई हैं।
मुख्य आरोप यह है कि सर्जरी से पहले रंजना को डराया‑डिमोराया गया, उन्हें विभिन्न तरह की मानसिक उत्तेजनाएँ दी गईं और उस पूरे क्षण का फायदा उठाकर उनके मेंटल हेल्थ पर नुकसान पहुंचाया गया। इन दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाए कि वह बार‑बार पटना से अलग‑अलग शहरों में घूम चुकी हैं और पुलिस के संपर्क के दोरान उन्होंने अपने पूरे संघर्ष की कहानी और दिलों‑दिलों तक की उपेक्षा का जिक्र किया है।
सिंगर का पक्ष और कोर्ट में केस की स्थिति
सीधे कोर्ट से कई दूरस्थ स्रोतों के हवाले से पता चलता है कि उदित नारायण ने पहले भी रंजना की ओर से लगाए गए केस में पेश होकर सेटलमेंट से इनकार किया था। उनके वकील ने दावा किया था कि रंजना वास्तव में “एक्सटॉर्शन” (जबरन पैसा लेने) की कोशिश कर रही हैं और यह पूरा मामला व्यक्तिगत वसूली के लिहाज़ से है, न कि वास्तविक न्यायिक संघर्ष के लिहाज़ से।
इसके बावजूद सिंगर की तरफ भी कई सार्वजनिक दस्तावेजों के हवाले से साफ था कि उन्होंने रंजना को मासिक मेन्टेनेंस, गिफ्ट प्रॉपर्टी और विभिन्न पारिवारिक सहायता स्वरूप धन‑ज़मीन आदि दी थी, लेकिन उसे जिस संदर्भ में रंजना का संतोष हुआ, उससे हटकर आज के दावों और आरोपों की फाइलिंग खुद‑अलग पड़कर खड़ी है।
बॉलीवुड और राष्ट्रीय मीडिया पर प्रतिक्रिया
यह केस नवभारत टाइम्स, टाइम्स ऑफ इंडिया, फिल्मफ़ेयर, थेस्टेट्समैन, मिड‑डे और अन्य फ्लैगशिप पोर्टल्स पर भी फ्रंट‑पेज स्टोरी के रूप में छपा है, जहाँ लेखकों और कमेंटेटर्स ने अलग‑अलग व्याख्याएँ दी हैं। कई रिपोर्ट्स में इंसानी अधिकार वकीलों और महिला अधिकार समूहों ने बेहद सावधानी के साथ मामले की जाँच पर ज़ोर दिया, जबकि कुछ लोगों ने सिंगर की लोकप्रियियों और उनकी बचपन‑दुनिया की इमेज को भी ध्यान में रखकर इसे “व्यक्तिगत, निजी क्षेत्र के विवाद” बताया है।
सामान्य रूप से यह मामला बॉलीवुड में लंबे समय तक चले मैरिटल और मेन्टेनेंस वाले कानूनी विवादों का एक उदाहरण के रूप में चर्चा में रहा, जो दिखाता है कि कैसे शुरुआती, सियासी जोड़ों के पूर्व वर्षों के निर्णय गीतकारों और अभिनेताओं जैसे पब्लिक फिगर्स के लिए अचानक से न्यायिक और मीडिया वर्ज़न के रूप में सामने आ सकते हैं।
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