Sahebganj News: निहारिका सिन्हा ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में हासिल की 365वीं रैंक
डीसी ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर किया सम्मानित
साहिबगंज के कुलीपाड़ा की रहने वाली निहारिका सिन्हा ने UPSC 2025 में 365वीं रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। एक साधारण परिवार से आने वाली निहारिका के पिता दर्जी और माता एएनएम हैं। बुधवार को साहिबगंज उपायुक्त हेमंत सती ने उन्हें सम्मानित किया। निहारिका ने अपनी इस सफलता का श्रेय निरंतर परिश्रम और परिवार के सहयोग को दिया है। उपायुक्त ने उन्हें जिले की डिजिटल लाइब्रेरी में छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए आमंत्रित किया है।
साहिबगंज: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में साहिबगंज की बेटी निहारिका सिन्हा ने 365वां रैंक प्राप्त कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे साहिबगंज में खुशी और गर्व का माहौल है। बुधवार को अपनी सफलता के उपरांत निहारिका सिन्हा ने समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त हेमन्त सती से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर उपायुक्त ने उन्हें पुष्प गुच्छ एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सीमित संसाधनों के बावजूद निहारिका ने अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सफलता प्राप्त की। निहारिका शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में सेंट जेवियर्स स्कूल (अंग्रेजी), साहिबगंज से मैट्रिक, वर्ष 2020 में जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली रांची से इंटरमीडिएट तथा वर्ष 2023 में सेंट जेवियर्स कॉलेज कोलकाता से राजनीति शास्त्र में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली जाकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। वर्ष 2024 में पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन हार न मानते हुए दूसरे प्रयास में वर्ष 2025 में 365वीं रैंक प्राप्त कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। निहारिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं गुरुजनों को दिया है।
इस संबंध में उपायुक्त हेमन्त सती ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों के बेहतर मार्गदर्शन के लिए साहिबगंज में फूलो-झानो डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। उन्होंने निहारिका सिन्हा से अनुरोध किया कि समय-समय पर डिजिटल लाइब्रेरी में आकर यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को अपना अनुभव साझा करें तथा करियर मार्गदर्शन प्रदान करें, ताकि जिले के अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उनसे प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। निहारिका की इस उपलब्धि से जिले के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है। उनकी सफलता ने यह साबित किया है कि दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
