राशन कार्ड अब बनेगा 'स्वास्थ्य का एटीएम', डीसी ने डीलरों को दिया 'ब्रह्मास्त्र' रूपी मंत्र
उपायुक्त हेमन्त सती ने राशन कार्ड को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बताया
साहिबगंज में उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में आयुष्मान मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और पीडीएस सशक्तिकरण पर बैठक हुई। राशन कार्ड अब स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बनेगा, गोल्डन कार्ड बनवाने का मिशन मोड अभियान शुरू और फाइलेरिया मुक्ति अभियान 10 से 25 फरवरी तक।
साहिबगंज : समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में आयुष्मान मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, फाइलेरिया उन्मूलन और पीडीएस सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेता और ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर शामिल हुए। उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि अगले एक महीने तक जिले में 'युद्ध स्तर' पर आयुष्मान कार्ड बनाने और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

उपायुक्त ने डीलरों को उनकी ताकत का अहसास कराते हुए कहा कि राशन डीलरों के पास 'राशन' रूपी ब्रह्मास्त्र है। गांव का हर व्यक्ति उनके पास आता है। डीसी ने सख्त निर्देश दिया कि राशन तभी दें जब आयुष्मान कार्ड हो। जब लाभार्थी राशन लेने आए, तो उससे पहले उसका आयुष्मान (गोल्डन) कार्ड मांगें। अगर नहीं बना है, तो उसे तुरंत प्रज्ञा केंद्र भेजें। जब वह आधार और राशन कार्ड दिखाकर ई-केवाईसी करवा ले, तभी उसे राशन दें। 28 फरवरी तक सभी डीलरों को अपने और अपने क्षेत्र के लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनवाने का लक्ष्य दिया गया है और आगामी एक मार्च को योजना की समीक्षा की जाएगी।
जो बीएसओ और डीलर सबसे ज्यादा कार्ड बनवाएंगे, उन्हें सम्मानित किया जाएगा, लेकिन लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई भी तय है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आयुष्मान कार्ड बनवाने का शुल्क मात्र 10 रुपये निर्धारित है। इसके लिए केवल राशन कार्ड, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की आवश्यकता है। यदि कोई प्रज्ञा केंद्र संचालक 10 रुपये से अधिक की मांग करता है, तो 8809895223 पर तत्काल शिकायत दर्ज करें। प्रशासन तुरंत कार्रवाई करेगा।
फाइलेरिया मुक्ति अभियान 10 से 25 फरवरी तक
बैठक में फाइलेरिया उन्मूलन पर भी जोर दिया गया। 10 से 25 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान में स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे। उपायुक्त ने डीलरों को निर्देश दिया कि वे राशन देते समय लाभार्थियों से पूछें- "दवा खाई कि नहीं?" उन्होंने इसे बचपन के टीकाकरण जैसा जरुरी बताते हुए कहा कि यह दवा भविष्य में हाथीपांव जैसी गंभीर बीमारी से बचाएगी, इसीलिए इसे अवश्य लें। उपायुक्त ने राशन कार्ड डेटाबेस को स्वच्छ बनाने पर कड़ा रुख अपनाया। इस संबंध में उन्होंने कहा कि जिले में अभी ई-केवाईसी केवल 76 प्रतिशत हुआ है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है या जो शादी करके दूसरे जिलों में बस गए हैं, उनका नाम राशन कार्ड से तुरंत हटाया जाए। यदि जांच के दौरान मृत या पलायन कर चुके लोगों के नाम सूची में पाए गए, तो संबंधित डीलर पर गाज गिरनी तय है। उन्होंने कहा कि जो लाभार्थी ई-केवाईसी नहीं करा रहे हैं, उनका राशन रोककर या नाम काटकर उन्हें केंद्र तक लाने के लिए बाध्य करें। बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी से एक महीने तक मिशन मोड में काम करने की अपील की ताकि साहिबगंज का कोई भी गरीब इलाज के अभाव में परेशान न हो।
